Civil Court News

Case of assault on property dealer: पूर्व सपा सांसद अतीक अहमद के बेटे मो. उमर की सम्पति जब्त करने का आदेश

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 23 Oct, 2021
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Lucknow: Case of assault on property dealer सीबीआई की विशेष अदालत ने लखनऊ के एक प्रापर्टी डीलर को अगवा कर देवरिया जेल में मारने-पीटने व उससे जबरिया रंगदारी वसूलने के मामले में पूर्व सांसद अतीक अहमद के पुत्र मो. उमर की सम्पति कुर्क कर जब्त करने का आदेश जारी किया है।

सीबीआई की विशेष न्यायिक मजिस्‍ट्रेट समृद्धि मिश्रा ने इस मामले में फरार चल रहे एक अन्य अभियुक्त योगेश कुमार की सम्पति भी कुर्क करने का आदेश दिया है। उन्होंने यह आदेश इस मामले के अनुसंधान पदाधिकारी सब इंसपेक्टर नीरज वर्मा की अर्जी पर दिया है।

इससे पहले इन दोनों अभियुक्तों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट व कुर्की से पहले की कार्यवाही की नोटिस जारी थी।थाना कृष्णानगर के इस मामले की जांच पुलिस कर रही थी। इस दौरान पुलिस ने अतीक अहमद समेत आठ अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।

लेकिन 23 अप्रैल, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश पारित कर इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। 12 जून, 2019 को सीबीआई ने इस मामले में अतीक अहमद, फारुख, जकी अहमद, मो. उमर, जफर उल्लाह, गुलाम सरवर व 12 अन्य के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू की।

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जांच के बाद सीबीआई ने अतीक समेत अन्य अभियुक्तों के खिलाफ बल्वा, हत्या के लिए अपहरण, जबरिया वसूली, धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल, जानमाल की धमकी व साजिश रचने आदि जैसी आईपीसी की गंभीर धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया।

इन अभियुक्तों का मुकदमा कमिट कर ट्रायल के लिए सत्र अदालत को भेजा जा चुका है। सीबीआई ने बाद में अतीक के बेटे मो. उमर, योगेश कुमार, नीतेश मिश्रा व महेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया। नीतेश मिश्रा व महेंद्र कुमार सिंह आत्मसमर्पण कर न्यायिक हिरासत में निरुद्ध हैं।

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दरअसल, 28 दिसंबर, 2018 को रियल स्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल ने इस मामले की एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसके मुताबिक देवरिया जेल में बंद अतीक ने अपने गुर्गो के जरिए गोमतीनगर आफिस से उसका अपहरण कर लिया। तमंचे के बल पर उसे देवरिया जेल ले जाया गया।

अतीक ने उसे एक सादे स्टाम्प पेपर पर दस्तखत करने को कहा। उसने इन्कार कर दिया। इस पर अतीक ने अपने बेटे उमर तथा गुर्गे गुरफान, फारुख, गुलाम व इरफान के साथ मिलकर उसे तमंचे व लोहे की राड से बेतहाशा पीटा। उसके बेसुध होते ही स्टाम्प पेपर पर दस्तखत बनवा लिया और करीब 45 करोड़ की सम्पति अपने नाम करा ली। साथ ही जानमाल की धमकी भी दी। अतीक के गुर्गो ने उसकी एसयूवी गाड़ी भी लूट ली।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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