Ranchi News: लखनऊ में अधिवक्ताओं के साथ हुई बदसलूकी और उनके चैंबरों को तोड़े जाने के विरोध में आज राँची सिविल कोर्ट परिसर के वकीलों ने अपनी बांह पर काला बिल्ला लगाकर कार्य किया। राँची जिला बार एसोसिएशन (RDBA) की एडहॉक कमेटी के आह्वान पर आयोजित इस शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया और लखनऊ के सहकर्मियों के प्रति एकजुटता प्रकट की।
‘अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट’ लागू करने की उठी मांग
अदालत की कार्य अवधि के दौरान वकीलों ने काले बिल्ले पहनकर मुकदमों की पैरवी की। इस मौके पर एडहॉक कमेटी के सदस्यों—शंभू प्रसाद अग्रवाल, मुकेश कुमार केशरी और संजय कुमार विद्रोही के साथ पवन रंजन खत्री ने संयुक्त रूप से कहा कि अधिवक्ताओं पर बढ़ते हमले और उनके साथ होने वाला दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वकीलों ने सरकार से दो प्रमुख मांगें की हैं:
- दोषियों पर त्वरित कार्रवाई: लखनऊ की घटना में शामिल दोषी अधिकारियों और उपद्रवियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- अधिवक्ता सुरक्षा कानून: वकीलों की सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए ‘अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट’ (Advocate Protection Act) को अविलंब झारखंड सहित पूरे देश में लागू किया जाए।
अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह से एक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध था, जिसका उद्देश्य सरकार तक अपनी बात पहुंचाना और वकील समाज की गरिमा व अधिकारों की रक्षा करना है।