Ranchi News: राजधानी के प्रतिष्ठित स्कूल के पूर्व प्राचार्य मनोज कुमार सिन्हा को छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के मामले में रांची की अदालत ने तीन साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार नंबर-2 की अदालत ने गुरुवार को उन्हें दोषी करार दिया था, जबकि शुक्रवार को सजा के बिंदु पर फैसला सुनाया गया। मामला मई 2022 का है। पीड़िता ने अरगोड़ा थाना में दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि एमके सिन्हा बीपी चेक कराने के बहाने कमरे में बुलाकर अश्लील हरकत करते थे और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालते थे। प्राथमिकी के बाद आरोपी फरार हो गया था। बाद में पुलिस ने जमशेदपुर के टेल्को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले में झारखंड हाईकोर्ट से मिली जमानत बाद में रद्द हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी राहत देने से इनकार करते हुए निचली अदालत में सरेंडर का निर्देश दिया था। इसके बाद से आरोपी जेल में रहकर ट्रायल फेस कर रहा था।
अब आगे क्या होगा?
कानूनी जानकारों के अनुसार, तीन साल की सजा होने के कारण आरोपी को निचली अदालत के फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय या हाईकोर्ट में अपील दाखिल करने का अधिकार है। चूंकि वह पहले से न्यायिक हिरासत में है, इसलिए वह जेल से ही अपील दायर करेगा। अपील के साथ सजा स्थगन (सस्पेंशन ऑफ सेंटेंस) और जमानत की याचिका भी दाखिल की जा सकती है। यदि अपीलीय अदालत राहत देती है, तो सुनवाई लंबित रहने के दौरान आरोपी को जेल से रिहा किया जा सकता है।