डालसा सचिव के नेतृत्व में टीम ने पिठोरिया थाना पहुंचकर की जांच; मुफ्त विधिक सहायता, काउंसलिंग और मुआवजा प्रक्रिया शुरू

Ranchi News: राजधानी के चंदवे स्थित इंडियन पब्लिक स्कूल के छात्रावास में एक 11 वर्षीय छात्र के साथ हुए गंभीर यौन अपराध के मामले में झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सह झालसा (JHALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद ने कड़ा संज्ञान लिया है। मीडिया में प्रकाशित खबरों को आधार बनाते हुए उन्होंने झालसा की सदस्य सचिव को मामले की जांच कर पीड़ित को हरसंभव सहायता देने का निर्देश दिया था।
न्यायायुक्त रांची अनिल कुमार मिश्रा-1 के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सचिव राकेश रौशन के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की। टीम ने पिठोरिया थाना पहुंचकर मामले की विस्तृत जानकारी ली और पीड़ित बच्चे के पिता से मिलकर उनका हाल जाना।
पीड़ित बच्चे के पुनर्वास और स्वास्थ्य पर विशेष जोर: डालसा की टीम ने पीड़ित बच्चे के स्वास्थ्य की निगरानी करते हुए उसके चिकित्सीय उपचार और पेशेवर काउंसलिंग (Counseling) की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की है। इसके साथ ही, पीड़ित परिवार को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने के साथ-साथ ‘पीड़ित प्रतिकर योजना’ (Victim Compensation Scheme) के तहत उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
डालसा सचिव ने अनुसंधानकर्ता से संपर्क कर अब तक की गई जांच की प्रगति की रिपोर्ट ली है। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर माननीय झालसा को सौंपी जाएगी। प्राधिकार ने स्पष्ट किया है कि बच्चे के हित, सुरक्षा, गरिमा और उसके पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
डालसा ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की निःशुल्क विधिक सहायता या सहयोग के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रांची या अपने क्षेत्र के पैरा-लीगल वॉलंटियर (PLV) से संपर्क कर सकते हैं।

