high court news

पूर्व DGP डीके पांडेय की पत्नी पूनम पांडेय के नाम से सरकारी जमीन खरीदने के मामले में अपील दाखिल

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 23 Aug, 2023
2 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
ex-dgp-dk-pandey
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi: राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक डीके पांडेय की पत्नी पूनम पांडेय के नाम से सरकारी जमीन की खरीदारी करने के आरोपों से संबंधित मामले में झारखंड हाई कोर्ट में अपील दाखिल की गई है।

रांची उपायुक्त की ओर से हाई कोर्ट में अपील दाखिल की गई है। उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि इस मामले में सरकार के स्तर से अपील दाखिल करने का निर्देश प्राप्त हुआ है।

इसे भी पढ़ेंः सेना भूमि घोटाला मामले में आरोपी IAS छवि रंजन की जमानत पर HC ने ED से मांगा जवाब, 11 सितंबर को सुनवाई

जिसके बाद उनकी ओर से एकल पीठ के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट की खंडपीठ में अपील दाखिल की गई है। एलआरडीसी को इसके लिए अधिकृत किया गया था।

हाई कोर्ट की एकल पीठ ने डीजीपी डीके पांडेय की पत्नी पूनम पांडेय की जमीन का म्यूटेशन रद करने के उपायुक्त के आदेश को निरस्त कर दिया था।

See also  गैंग्स ऑफ वासेपुर के लेखक जीशान कादरी को झारखंड हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत, जाने क्या है मामला

इसे भी पढ़ेंः मानगो नाबालिग दुष्कर्म मामले में स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के भाई सहित 22 के खिलाफ चलेगा मुकदमा, HC ने निचली अदालत के आदेश को सही माना

कांके में डीजीपी ने डीके पांडेय ने खरीदी है जमीन

बता दें कि रांची के कांके अंचल के चामा मौजा पूर्व डीजीपी डीके पांडे की पत्नी पूनम पांडे के नाम 50 डिसमिल जमीन खरीदी गई थी। जमीन की रजिस्ट्री और म्यूटेशन डीके पांडे ने डीजीपी रहते हुए वर्ष 2018-19 में कराया था।

आरोप है कि डीके पांडेय ने अपने पद का इस्तेमाल करते हुए जिस भूमि का म्यूटेशन कराया, वह गैरमजरूआ (सरकारी जमीन) है।

इसे भी पढ़ेंः साहिबगंज में अवैध खनन की जांच करेगी सीबीआई, HC ने कहा- प्रारंभिक जांच कर एक माह में दें रिपोर्ट

See also  भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ ईडी ने दिए सबूत, कुंडली मारकर बैठ गई सरकार; पूर्व IPS ने दाखिल की पीआईएल

रांची के तत्कालीन डीसी राय महिमापत रे ने जून 2019 में डीसीएलआर और कांके सीओ को चामा मौजा के जमीन के जमाबंदी की जांच का निर्देश दिया था। पूनम पांडे को नोटिस देकर पूछा गया था कि उनके नाम से की गई जमाबंदी क्यों नहीं रद कर दी जाए।

इसके बाद पूनम पांडेय ने हाई कोर्ट में उपायुक्त के आदेश को चुनौती दी। हाई कोर्ट की एकल पीठ से पूनम पांडेय को राहत मिली थी। अदालत ने उपायुक्त के आदेश को निरस्त कर दिया था।

इसे भी पढ़ेंः मुख्यमंत्री की प्रधान सचिव वंदना डाडेल के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश निरस्त, HC ने कहा- सुनवाई का नहीं मिला मौका

WebsiteClick Here
Facebook PageClick Here
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment