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Cyber Fraud: बैंक अधिकारी बनकर करोड़ों की ठगी करने वाले पांच साइबर अपराधी दोषी, 23 को सजा

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By Devesh Ananad On 20 Jul, 2024
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Cyber Fraud: बैंक अधिकारी बनकर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले पांच साइबर अपराधियों से जुड़े मनी लाउंड्रिंग मामले में शनिवार 20 जुलाई को अदालत ने फैसला सुनाया। पीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत पांचों को दोषी करार दिया है। सजा के बिंदु पर 23 जुलाई को सुनवाई होगी। चार आरोपी कोर्ट में उपस्थित थे। जिन्हें हिरासत में लेते हुए जेल भेज दिया गया। जबकि एक आरोपी देवघर जेल में बंद है। जिसे वीसी के जरिए कोर्ट में पेश किया गया।

मामले में ट्रायल फेस कर रहा आरोपी गणेश मंडल उसका बेटा प्रदीप मंडल, संतोष मंडल उसका बेटा पिंटू मंडल, अंकुश कुमार मंडल शामिल है। अदालत ने पांचों को दोषी करार दिया है। चारों कोर्ट में आए थे। जिन्हें हिरासत में ले लिया गया। जबकि अंकुश मंडल देवघर जेल में किसी और मामले में न्यायिक हिरासत में है।

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उसकी पेशी वीसी से की गई। सभी आरोपी जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के मिरगा गांव निवासी है। इन आरोपियों पर फर्जी पते पर सिम कार्ड लेने और बैंक अधिकारी बनकर लोगों को कॉल करके साइबर अपराध करने का आरोप है। मामले में ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजक अतीश कुमार ने 24 गवाहों को प्रस्तुत किया है।

पोटो मामले में एक को सजा

न्यायायुक्त सह पोटा मामले के विशेष न्यायाधीश दिवाकर पांडे की अदालत ने गश्ती जीप को उग्रवादियों ने लैंड माइन्स विस्फोटक लगाकर उड़ा देने के मामले में अभियुक्त दिलीप चंद्रवंशी को दोषी करार कर सात साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि नहीं देने पर उसे अतिरिक्त सात महीने जेल काटनी होगी। घटना का अंजाम 20 नवंबर 2002 को दिया गया था।

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बेतला पिकेट पर प्रतिनियुक्त पुलिस जीप से बेतला-गारू रोड में गश्ती पर निकले थे। उसी समय घटना का अंजाम दिया गया था। घटना को लेकर लातेहार के बरवाडीह थाना में कांड संख्या 70/2002 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 13 गवाहों को प्रस्तुत किया गया था। जिसके आधार पर अदालत ने दोषी पाकर सजा सुनाई है।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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