Supreme Court News

कॉलेजियम की सिफारिशों पर सरकार के देरी से निर्णय लेने पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 26 Mar, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Stay on arrest of Abhishek Jha, husband of suspended IAS Pooja Singhal, accused of money laundering
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम ने जो सिफारिश की है, उस पर सरकार द्वारा फैसला लेने में छह महीने से ज्यादा की देरी पर चिंता जताते हुए कहा है कि कॉलेजियम द्वारा भेजे गए नामों पर एक समय के भीतर विचार होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अगुवाई वाली बेंच ने केंद्र सरकार से कहा कि टाइमबाउंड तरीके से कलीजियम द्वारा भेजे गए नाम पर विचार होना चाहिए। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि जिन नामों को कॉलेजियम ने मंजूरी दी और सरकार को सिफारिश की है।

वे नाम लॉ मिनिस्ट्री के पास छह महीने से ज्यादा समय से पेंडिंग है। हाई कोर्ट ने 45 नाम भेजे हैं लेकिन इन्हें सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के पास नहीं भेजा गया है। कई नाम ऐसे भी हैं जिन्हें सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम से मंजूरी के बाद उनकी नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सिफारिश भी कर दी है।

See also  झारखंड में पीआईएल, बिहार में एफआईआर, लालू प्रसाद पर भारी पड़ा गुरुवार

इसे भी पढ़ेंः विकास के लिए काटे जा रहे पेड़ों के मूल्य आंकने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने गठित की सात सदस्यीय कमेटी

लेकिन सरकार के पास छह महीने से ज्यादा वक्त से वे मामले पेंडिंग हैं और सरकार ने मंजूरी नहीं प्रदान की है। सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल से कहा है कि वह इस बात से कोर्ट को अवगत कराएं कि कॉलेजियम ने जो सिफारिशें भेजी है, वह किस स्थिति में है।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट और सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कहा कि जो वकील सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं, उन्हें हाई कोर्ट के जस्टिस के तौर पर नियुक्ति के लिए विचार होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे नामों को हाई कोर्ट ने जब सिफारिश की है तो हाई कोर्ट बार एसोसिशएन का विरोध होता रहा है।

See also  Delhi Pollution SC Hearing: सीजेआई ने कहा- कल्पना कीजिए हम दुनिया को क्या संदेश दे रहे हैं? यह गंभीर मुद्दा है

सुप्रीम कोर्ट में एनजीओ लोकप्रहरी की ओर से अर्जी दाखिल की गई है और कहा गया है कि हाई कोर्ट के जजों के खाली पद को भरने की गुहार लगाई है। देश भर के तमाम हाई कोर्ट में अभी 1080 पद में 419 खाली हैं। 27 जनवरी को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में देश भर के हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति को लेकर मामले की सुनवाई चल रही थी।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अगुवाई वाली बेंच ने कहा था कि संवैधानिक कोर्ट के जजों की नियुक्ति के लिए जब सुप्रीम कोर्ट कलीजियम सिफारिश करती है तो केंंद्र सरकार एक टाइम फ्रेम में उस पर फैसला लेना चाहिए।

See also  सुप्रीम कोर्ट ने ग्रैच्युटी को लेकर सुनाया अहम फैसला, जानिए पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी में कहा था कि अगर आप नाम वापस कते हैं तो या तो हम दोबारा नाम भेजें या फिर आप अपने ऐतराज बताएं लेकिन अगर आप महीनों सिफारिश किए गए नामों पर चुप रहेंगे तो फिर ये गंभीर मसला है।

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

2,377 articles published
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment