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SI Roopa Tirkey case: रांची एसपी, डीएसपी और थाना प्रभारी पर एससी-एसटी के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 02 Dec, 2021
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Ranchi: SI Roopa Tirkey case साहिबगंज की महिला थाना प्रभारी रूपा तिर्की की मौत के बाद उसका ऑडियो वायरल करने के मामले में सिटी एसपी रांची, पंकज मिश्रा (विधायक प्रतिनिधि बरहेट), डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा एवं एससी-एसटी थाना के थाना प्रभारी के खिलाफ अदालत ने संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।

रूपा तिर्की की मां पदमावती की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए एससी-एसटी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मनीष रंजन की अदालत ने सीआरपीसी की धारा 153(3) के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। 22 सितंबर को कोर्ट केस किया गया था।

अदालत ने भादवि की धारा 166 (लोक सेवक, जो किसी व्यक्ति को क्षति कारित करने के आशय से विधि की अवज्ञा करता है), 166ए (लोक सेवक, जो विधि के अधीन निदेश की अवज्ञा करता है), 499 (साइबर मानहानि) व 505(2)-(विभिन्न वर्गों के बीच शत्रुता, घृणा या शत्रुता पैदा करने या बढ़ावा देने वाले बयान’) इसके साथ एससीएसटी अत्याचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश है।

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यह आदेश रूपा तिर्की मौत के मामले में जो ऑडियो वायरल हुआ था उसी मामले में उसकी मां की ओर से कोर्ट केस किया गया था। बता दें कि रूपा तिर्की की मौत के बाद दो ऑडियो वायरल हुआ था। पहला ऑडियो रूपा और उसके पुरुषमित्र शिव कुमार कनौजिया का था। जबकि दूसरा ऑडियो साहिबगंज के तत्कालीन एसडीपीओ पीके मिश्रा और एक शख्स का था।

जिसमें पीके मिश्रा रूपा को गाली-गलौच देते हुए सुने जा सकते थे। वहीं अदालत ने एससीएसटी थाना प्रभारी रांची और सिटी एसपी पर मामले को नहीं दर्ज करने की वजह से आरोपी बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश है। बता दें कि रूपा तिर्की 3 मई 2021 अपने सरकारी आवास में फांसी के फंदे से झूलते हुए मिली थी। जिसके बाद काफी हंगामा हुआ और झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर अब मामले में सीबीआई जांच चल रही है।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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