high court news

Sexual abuse case: सीबीआई जांच की मांग पर हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव व डीजीपी को जारी किया नोटिस, सुनील तिवारी की पत्नी ने दाखिल की है याचिका

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 30 Sep, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
high court of jharkhand
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi: Sexual abuse case आदिवासी युवती के यौनशोषण के आरोपों से घिरे पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के राजनीतिक सलाहकार सुनील तिवारी की पत्नी लालिमा तिवारी की ओर से सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस एसके द्विवेदी कोर्ट ने सुनवाई के बाद इस मामले में मुख्य सचिव, डीजीपी, रांची एसएसपी और अरगोड़ा थाना प्रभारी को नोटिस जारी किया है।

सुनील तिवारी की पत्नी लालिमा तिवारी ने याचिका दाखिल कर इसे फर्जी केस बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। लालिमा तिवारी की ओर से वरीय अधिवक्ता आरएस मजूमदार, निशांत राय और रोहन मजूमदार ने हाईकोर्ट को बताया कि सुनील तिवारी पर लगे आरोपों को बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया है। कहा है कि राज्य सरकार उनके खिलाफ दुर्भावना से ग्रसित होकर कार्रवाई कर रही है।

ऐसे में सीबीआइ जांच कराना ही बेहतर होगा, जिससे सारी स्थितियां स्पष्ट हो जाएंगी। क्योंकि उनके पति सुनील तिवारी के खिलाफ साजिश के तहत यौन शोषण की प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। अदालत को बताया गया कि मुंबई की युवती और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा कथित रूप से यौन शोषम किए जाने से जुड़े केस में इन्होंने बांबे हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दाखिल की थी।

See also  Ranchi: गांधी जयंती के अवसर पर न्यायिक दंडाधिकारियों ने सिविल कोर्ट में चलाया गया स्वच्छता अभियान, दिया साफ-सफाई का संदेश

इसे भी पढ़ेंः PHYSICAL HEARING: झारखंड की सभी अदालतों में अब होगी आमने-सामने की सुनवाई, जारी हुआ आदेश

बाद में उक्त युवती ने बांबे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर केस वापस लेने की गुहार लगाई तो सुनील तिवारी ने हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दाखिल की। कर मामले की जांच कराए जाने का आग्रह किया। कोरोना काल में जब यह मामला लंबित था, तो सुनील तिवारी ने इस मामले में 29 जुलाई 2021 को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की। याचिका में कहा कि बांबे हाईकोर्ट में यह मामला लंबित है।

ऐसे में इस मामले की जल्द से जल्द जांच कराई जाए, ताकि युवती व सीएम हेमंत के कथित मामले की सच्चाई सामने आ सके। इस मामले में उनकी ओर से याचिका दाखिल किए जाने के बाद उनके खिलाफ यौन शोषण की प्राथमिकी दर्ज की गई है। सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि इससे पहले उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को पत्र लिखकर अपने जानमाल की सुरक्षा और फर्जी केस में फंसाने की कोशिश किए जाने की बात कही।

See also  High Court News: पुलिस आवास निगम के मुख्य अभियंता की नियुक्ति को हाईकोर्ट में चुनौती

लेकिन उसके बाद भी सरकार उनके खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराया है। इसलिए इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। बता दें कि सुनील तिवारी पर उनके यहां काम करने वाली एक युवती ने दुष्कर्म एवं यौन शोषण समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई है।

इसके बाद पुलिस ने रांची सिविल कोर्ट से वारंट प्राप्त कर सुनील तिवारी को उत्तर प्रदेश के इटावा से गिरफ्तार किया था। पिछले दिनों उन्हें उत्तर प्रदेश से रांची लाया गया और यहां पर पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। जहां से एससी-एसटी के विशेष न्यायाधीश विशाल श्रीवास्तव की अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा दिया।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment