Ranchi News : झारखंड पुलिस आवास निगम लिमिटेड (JPHCL) में मुख्य अभियंता (सिविल) के पद पर जय प्रकाश सिंह की नियुक्ति को झारखंड हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता सुनील कुमार महतो ने जनहित याचिका दायर कर ‘रिट ऑफ क्वो वारंटो’ जारी करने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि जय प्रकाश सिंह किस अधिकार के तहत इस पद पर कार्यरत हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्य अभियंता का चयन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नहीं हुआ और नियुक्ति नियमों के विपरीत की गई। यह भी कहा गया है कि उन पर भ्रष्टाचार, अनियमितता और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप पहले से लगे हुए हैं, जो उन्हें इस पद के लिए अयोग्य बनाते हैं।
याचिका में दावा किया गया है कि पद के लिए दो अलग-अलग विज्ञापन जारी किए गए। पहला विज्ञापन 28 दिसंबर 2024 को जारी हुआ, जिसमें आयु सीमा 50–60 वर्ष और 20 वर्ष का अनुभव अनिवार्य था। बाद में 7 मई 2025 को दूसरा विज्ञापन जारी कर आयु सीमा 55 वर्ष कर दी गई और नई शर्तें जोड़ दी गईं। आरोप है कि यह बदलाव जय प्रकाश सिंह को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया। याचिका में यह भी कहा गया है कि उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा जांच चल रही है तथा ठेके आवंटन में अनियमितता और कट मनी वसूली के गंभीर आरोप हैं। याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि उनकी नियुक्ति को अवैध घोषित किया जाए, उन्हें तत्काल पद से हटाया जाए और संबंधित मामलों में जांच तेज की जाए। इस याचिका पर सुनवाई की तिथि अभी निर्धारित नहीं हुई है।

