Ranchi News: रांची सिविल कोर्ट की महिला अधिवक्ताओं के साथ एससी-एसटी थाना प्रभारी द्वारा कथित दुर्व्यवहार और अभद्र आचरण के विरोध में गुरुवार को जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने एक दिन के लिए न्यायिक कार्य से खुद को अलग रखा। घटना से आक्रोशित वकीलों ने इसे न्यायिक गरिमा पर गंभीर प्रहार बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। आरडीबीए के अध्यक्ष एसपी अग्रवाल और महासचिव संजय कुमार विद्रोही की ओर से दोपहर करीब डेढ़ बजे बार भवन में जिला बार एसोसिएशन की आपातकालीन बैठक बुलाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। बैठक में महिला अधिवक्ता के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार पर गहरा रोष और खेद व्यक्त किया गया। इसके बाद महासचिव संजय कुमार विद्रोही के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने पैदल मार्च करते हुए एससी-एसटी थाना तक प्रदर्शन किया और लगभग एक घंटे तक थाना के बाहर बैठकर नारेबाजी की।

बार एसोसिएशन की ओर से राज्यपाल, मुख्यमंत्री, डीजीपी और रांची एसएसपी को ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें एससी-एसटी थाना प्रभारी महेश मुंडा को तत्काल निलंबित करने और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की मांग की गई है। अधिवक्ताओं ने प्रधान न्यायायुक्त से भी अनुरोध किया कि कार्य बहिष्कार के कारण किसी भी मामले में विपरीत आदेश पारित न किया जाए। शनिवार को अधिवक्ता बांह में काली पट्टी लगाकर कार्य करेंगे। एसोसिएशन के अध्यक्ष एसपी अग्रवाल ने कहा कि फिलहाल शनिवार से अधिवक्ता पूर्व की तरह न्यायिक कार्य करेंगे, लेकिन प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले कदमों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। गौरतलब है कि हाल ही में थाना प्रभारी महेश मुंडा पर महिला अधिवक्ता सविता कुजूर और उनकी सहकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, अभद्रता और कानूनी कार्य में बाधा डालने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना के बाद से वकीलों में भारी आक्रोश है और वे दोषी अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर एकजुट हो गए हैं।

