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SDO promotion: हाईकोर्ट ने पूछा- अनुशंसा के बाद क्यों नहीं जारी हुई अधिसूचना, सरकार आज देगी जवाब

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 18 Oct, 2021
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Ranchi: SDO promotion झारखंड के डिप्टी कलेक्टर से एसडीओ पद पर प्रोन्नति की अनुशंसा के बाद अधिसूचना नहीं जारी करने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट में आज सुनवाई होगी। यह मामला जस्टिस डॉ एसएन पाठक की अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।

पिछली सुनवाई के दौरान सरकार के पूछा था कि जब एसडीओ से एडिशनल कलेक्टर के पद पर प्रोन्नति की अधिसूचना जारी कर दी गई है, तो सरकार इस मामले में कोर्ट के आदेश का इंतजार क्यों कर रही है। सरकार इस मामले में स्वयं भी निर्णय ले सकती है।

बता दें कि इस संबंध में राज किशोर प्रसाद व 19 अन्य की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। दरअसल, राज्य में डिप्टी कलेक्टर से एसडीओ के पद पर प्रोन्नति के लिए डीपीसी (विभागीय प्रोन्नति कमेटी) की अनुशंसा करने के बाद भी अधिसूचना जारी नहीं की गई।

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प्रार्थियों के अधिवक्ता चंचल जैन ने बताया कि डिप्टी कलेक्टर से एसडीओ पद पर प्रोन्नति के लिए 24 दिसंबर 2020 को विभागीय प्रोन्नति कमेटी की बैठक हुई। इसमें निर्धारित सभी आहर्ता पूरा करने वालों को प्रोन्नति दिए जाने की अनुशंसा की गई।

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लेकिन इसी दिन कार्मिक विभाग की ओर से एक पत्र जारी किया गया। जिसमें कहा गया कि राज्य में होने वाली सभी प्रकार की प्रोन्नति पर अगले आदेश तक रोक रहेगी। इसके बाद उनके मामले में भी प्रोन्नति के लिए अधिसूचना अभी तक जारी नहीं की गई।

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याचिका में कहा गया है कि जब विभागीय प्रोन्नति कमेटी ने वादियों को प्रोन्नति देने की अनुसंशा कर दी है, तो अधिसूचना जारी करने में देरी नहीं होनी चाहिए। राज्य सरकार उस आदेश से संबंधित फाइल अदालत में मंगाई जाए, जिसमें सरकार ने समीक्षा के बाद पूरे राज्य में प्रोन्नति पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।

अदालत उक्त फाइल को देखकर निर्णय ले कि राज्य सरकार आदेश न्यायसंगत है या नहीं। अगर सरकार का निर्णय सही नहीं है, तो उसे खारिज किया जाए और प्रोन्नति की अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया जाए।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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