Ranchi News: झारखंड हाई कोर्ट में जेई (कनिष्ठ अभियंता) की नियुक्ति व प्रोन्नति नियमावली को लेकर दाखिल याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान डिग्रीधारी जेई की ओर से दायर हस्तक्षेप याचिका में कहा गया कि डिप्लोमाधारी जेई को दी जा रही प्रोन्नति से उनकी सेवा प्रभावित हो रही है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता आशुतोष आनंद और श्रेया कुमारी ने अदालत को बताया कि जेई से सहायक अभियंता (एई) पद पर प्रोन्नति के लिए नई नियमावली तैयार कर ली गई है। ऐसे में इस मामले में आगे सुनवाई का औचित्य नहीं रह जाता।
सरकार ने यह भी दलील दी कि पूर्व में वर्ष 1939 की नियमावली के तहत प्रोन्नति दी जाती रही है और इससे डिग्रीधारी अभियंताओं को कोई नुकसान नहीं होगा। वहीं, एक अन्य पक्ष की ओर से कहा गया कि डिप्लोमाधारी अभियंता कार्यपालक अभियंता जैसे उच्च पदों के लिए आवश्यक तकनीकी दक्षता नहीं रखते। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निर्णय सुरक्षित रख लिया। इससे पहले की सुनवाई में हाईकोर्ट ने प्रोन्नति नियमावली तैयार नहीं होने पर राज्य सरकार पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी भी दी थी कि देरी को आदेश की अवहेलना माना जा सकता है।