Ranchi News: बोकारो की 18 वर्षीय युवती के सात महीने से लापता रहने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने बोकारो के एसपी को निर्देश दिया है कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति का नार्को टेस्ट कराकर उसकी रिपोर्ट पेश करें। सुनवाई के दौरान बोकारो एसपी केस डायरी और निचली अदालत के रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए। इस दौरान यह भी सामने आया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में 10 दिनों की देरी हुई थी। 27 जुलाई 2025 को गुमशुदगी का सनहा दर्ज किया गया, जबकि प्राथमिकी 4 अगस्त 2025 को दर्ज हुई। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए इसे गंभीर माना। एसपी ने बताया कि 20 मार्च को पिंडराजोड़ा थाना प्रभारी को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है।
मामले में युवती की मां ने हेबियस कॉर्पस याचिका दायर की है। कोर्ट को बताया गया कि युवती 31 जुलाई 2025 से लापता है। परिजनों को 11 दिसंबर 2025 को एक कॉल आया था, जिसमें युवती के पुणे में होने की जानकारी दी गई थी। पुलिस ने कॉल करने वाले युवक को पकड़ा, लेकिन पूछताछ के दौरान वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। फिलहाल पुलिस अब तक युवती का पता नहीं लगा सकी है।

