Ranchi: 15 सितम्बर। झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सोमवार को एक आपराधिक अपील की सुनवाई के दौरान गंभीर टिप्पणी की, जब यह जानकारी सामने आई कि एक कैदी न्यायिक हिरासत में रहते हुए एचआईवी (HIV) से संक्रमित पाया गया। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की पीठ कर रही थी। कैदी 2 जून 2023 से जेल में बंद है। वह पहले धनबाद जिला जेल में था और 10 अगस्त 2024 को उसे हजारीबाग केंद्रीय कारा में शिफ्ट किया गया। 24 जनवरी 2024 को उसकी एचआईवी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। अदालत ने इसे न केवल एक चिकित्सीय त्रासदी बल्कि मानवाधिकार का गंभीर उल्लंघन करार दिया और कहा कि यह जेल प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।
कोर्ट ने overcrowding, कमजोर स्वास्थ्य सेवाओं और कैदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच में लापरवाही को भी गंभीर मुद्दा बताया। अदालत ने धनबाद जिला जेल में 2 जून 2023 से 24 अगस्त 2024 तक सभी कैदियों की मेडिकल जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। इसके साथ ही, कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग, गृह एवं कारा विभाग के सचिवों सहित धनबाद व हजारीबाग जेल के जेल अधीक्षक और मेडिकल अधिकारियों को अगली सुनवाई में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 25 सितम्बर 2025 को होगी।