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निचली अदालतों आज से होगी आमने-सामने की सुनवाई, हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश

हाईकोर्ट की ओर से जारी गाइड लाइन के अनुसार ही सुनवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने 14 जनवरी को गाइड लाइन जारी की थी।

Physical court start in jharkhand राज्य की निचली अदालतों में आज से फिजिकल सुनवाई शुरु हो गई। झारखंड हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने इसका आदेश जारी कर दिया है। हाईकोर्ट की ओर से जारी गाइड लाइन के अनुसार ही सुनवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने 14 जनवरी को गाइड लाइन जारी की थी।

इसके बाद सभी जिलों के अदालतों को इसकी तैयारी करने को कहा था। सभी तैयारियों की मॉनिटरिंग हाईकोर्ट कर रहा था। करीब दस माह बाद फिजिकल सुनवाई हो रही है। हाईकोर्ट ने फिजिकल सुनवाई के लिए राज्य की अदालतों को तीन श्रेणी में बांटा है और इसी अनुरूप दिशा निर्देश भी जारी किए हैं।

जिन जिलों में कोरोना के 50 से कम सक्रिय केस हैं वहां 50 फीसदी फिजिकल और 50 फीसदी वर्चुअल कोर्ट बैठेगी। जिला जज रोटेशन के आधार पर फिजिकल और वर्चुअल कोर्ट तय करेंगे। साथ ही विषयवार और कैडर के अनुसार कोर्ट की व्यवस्था भी होगी।

जिन जिलों में 50 से 100 तक सक्रिय केस हैं वहां एक तिहाई फिजिकल और दो तिहाई वर्चुअल कोर्ट बैठेगी। यहां याचिकाएं मौजूदा व्यवस्था के साथ- साथ इ सेवा केंद्र से भी दाखिल की जा सकेंगी। इन जिलों में एक एक फैमिली कोर्ट, जिला जज, एडीजे, सीजेएम, एसीजेएम की कोर्ट बैठेगी। दो सिविल जज, एक एसडीजेएम और न्यायिक दंडाधिकारी(प्रथम श्रेणी) की कोर्ट बैठेगी।

150 से अधिक सक्रिय केस वाले जिलों में एक चौथाई फिजिकल और तीन चौथाई वर्चुअल कोर्ट में सुनवाई होगी। इन जिलों में याचिका ड्राप ब़ॉक्स में डाले जाएंगे। इन जिलों के जिला जज को विषयवार रोस्टर तैयार करने का अधिकार दिया गया है। साथ ही वर्चुअल और फिजिकल कोर्ट के लिए कॉज लिस्ट भी जारी करना होगा।

कोर्ट के सभी कार्यालयों में होगा गाइडलाइन का पालन
गाइड लाइन में कहा गया है कि न्यायालय परिसर के अंदर सभी कार्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। बिना मास्क के किसा को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। साथ ही सेनेटाइजेशन की भी व्यवस्था करनी होगी। जरूरी निर्धारित दूरी का पालन सभी को करना होगा।

वकीलों के चैंबर के लिए भी निर्देश
न्यायालय परिसर के अंदर स्थित वकीलों के चैंबर के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। यहां भी सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। सेनेटाइजेशन की व्यवस्था करनी होगी। सुबह दस से शाम पांच बजे तक ही चैंबर खोले जाने की अनुमति रहेगी। अवकाश के रविवार और अन्य अवकाश के दिन चैंबर का सेनेटाइज करना अनिवार्य होगा। हाईकोर्ट ने वकीलों को सुझाव दिया है कि यदि वह चाहे तो सुविधा अनुसार ऑड इवेन के आधार पर चैंबर खोल सकते हैं।

बार काउंसिल ने स्वागत किया
झारखंड स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष राजेंद्र कृष्णा ने कहा है कि फिजिकल कोर्ट शुरू किए जाने का फैसला स्वागत योग्य है। उन्होंने वकीलों से कोविड के मद्देनजर हाईकोर्ट , राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करते हुए फिजिकल सुनवाई करने की अपील की है।

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