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Lakhimpur Kheri case: सुप्रीम कोर्ट में बोली यूपी सरकारः रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच को तैयार

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 16 Nov, 2021
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New Delhi: Lakhimpur Kheri case लखीमपुर खीरी मामले में यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वो रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच के लिए तैयार है। इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हेमा कोहली की पीठ ने मामले को बुधवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लखीमपुर हत्याकांड की जांच कर रहे अधिकारियों को “अपग्रेड” किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से वरिष्ठ अधिकारियों की सूची भी मांगी। जिसके बाद यूपी सरकार ने जांच का नेतृत्व करने के लिए हाईकोर्ट के एक रिटायर्ड जज का चुनाव के लिए सुप्रीम कोर्ट से कहा। कोर्ट ने कहा कि नामों पर विचार करने के लिए उसे एक दिन की जरूरत है।

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इसके बाद कोर्ट ने जांच टीम में अधिकारियों के स्तर को लेकर चिंता जाहिर की। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा कि चिंता यह है कि आपको मामले की जांच कर रहे टीम को अपग्रेड करना होगा। इसमें उच्च ग्रेड के अधिकारियों की होने की जरूरत है।

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जस्टिस सूर्यकांत ने भी इस पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि मौजूदा एसआईटी में ज्यादातर अधिकारी लखीमपुर से ही हैं। आप हमें उन आईपीएस अधिकारियों के नाम बताएं जो यूपी कैडर से हैं लेकिन यूपी से संबंधित नहीं हैं।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा द्वारा कथित तौर पर लखीमपुर खीरी में किसानों को कुचलने के मामले में यूपी सरकार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान कई कड़े सवालों का सामना करना पड़ा। पिछले हफ्ते, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह चाहता है कि हाईकोर्ट के रिटायर जज इस की निगरानी करें और यह उस तरह से नहीं चल रहा है जैसा हमने उम्मीद की थी।

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पीठ ने यह भी कहा था कि ऐसा प्रतीत होता है कि मामले में दो ओवरलैपिंग प्राथमिकी केवल एक विशेष आरोपी को बचाने के उद्देश्य से थीं और जांच को अलग नहीं रखा गया था जैसा कि उन्हें होना चाहिए।

बता दें कि लखीमपुर मामले में आशीष मिश्रा पर आरोप है कि उसी की गाड़ियों ने किसानों को रौंदा था। जिसमें चार किसानों की मौत हो गई। इसके बाद हिंसा भड़ उठी, जिसमें तीन बीजेपी कार्यकर्ता और एक स्थानीय पत्रकार की मौत हो गई।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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