processApi - method not exist
Home National News काशी विश्वनाथ मंदिर: जमीन की अदला-बदली के खिलाफ कोर्ट जाएंगे वादमित्र

काशी विश्वनाथ मंदिर: जमीन की अदला-बदली के खिलाफ कोर्ट जाएंगे वादमित्र

Kashi Vishwanath Temple भगवान विश्वेश्वरनाथ (बाबा काशी विश्वनाथ) के वादमित्र विजयशंकर रस्तोगी ने ज्ञानवापी परिसर स्थित एक भूखंड की सुन्नी वक्फ बोर्ड और मंदिर प्रशासन के बीच अदला-बदली को असंवैधानिक करार दिया है।

Varanasi: भगवान विश्वेश्वरनाथ (बाबा काशी विश्वनाथ) के वादमित्र विजयशंकर रस्तोगी ने ज्ञानवापी परिसर स्थित जमीन की सुन्नी वक्फ बोर्ड और मंदिर प्रशासन के बीच अदला-बदली को असंवैधानिक करार देते हुए इसके खिलाफ मुकदमा दाखिल करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जमीन के मालिकाना हक का मामला अभी कोर्ट में लंबित है। ऐसे में उसकी अदला-बदली कैसे हो सकती है। कहा कि वे इस निर्णय के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन ने किस आधार पर उक्त जमीन को सुन्नी वक्फ बोर्ड का बता दिया।

विजय शंकर रस्तोगी ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद ज्योतिर्लिंग विश्वेश्वरनाथ मंदिर का एक अंश है। वहां हिंदू आस्थावानों को पूजा-पाठ, राग-भोग, दर्शन-पूजन, निर्माण, मरम्मत, पुनरोद्धार का पूरा अधिकार है। जिस 1700 स्क्वॉयर फीट जमीन का मालिक वक्फ बोर्ड को बताया गया, उस पर अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी का कभी कब्जा नहीं रहा।

इसे भी पढ़ेंः डाक घोटालाः कोर्ट के निर्देशों की अवहेलना पर गिरफ्तार हुए पीके मिश्रा

उन्होंने बताया कि 1942 में हाईकोर्ट में तीन साल तक चले एक मुकदमे में निर्धारित हो चुका है कि मुस्लिम समाज के लोगों का ज्ञानवापी परिसर की किसी जमीन पर कोई अधिकार नहीं है। मुस्लिम समाज के लोग सिर्फ ज्ञानवापी मस्जिद में नमाज पढ़ सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रशासनिक अफसरों ने सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड और अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी का ज्ञानवापी परिसर की जमीन पर मालिकाना हक कैसे मान लिया।

साथ ही उन्हें बांसफाटक के पास 1000 स्क्वॉयर फीट जमीन कैसे दे दी। बता दें कि ज्ञानवापी परिसर में नए मंदिर के निर्माण और हिंदुओं को पूजा पाठ का अधिकार देने की मांग के साथ वर्ष- 2019 में फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया था। प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विश्वेश्वरनाथ की ओर से दायर यह मुकदमा अभी विचाराधीन है।

कुछ दिन पहले फॉस्ट ट्रैक कोर्ट ने पूरे ज्ञानवापी परिसर के पुरातात्विक सर्वेक्षण का आदेश दिया है। मुकदमे में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी और सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड प्रतिवादी हैं। वादमित्र ने कहा कि प्रशासनिक अफसरों ने काम दिखाने के चक्कर में हिंदुओं और योगी आदित्यनाथ की सरकार को गुमराह किया है। जमीन की अदला-बदली की प्रति हमने मंगवाई है। इसके बाद हम अदालत में मुकदमा दाखिल करेंगे।

RELATED ARTICLES

Lalu Prasad News: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की जल्द होगी किडनी ट्रांसप्लांट

Ranchi: Lalu Prasad News चारा घोटाले के चार मामलों में सजायाफ्ता लालू प्रसाद की किडनी ट्रांसप्लांट की जाएगी। बढ़ती उम्र की वजह...

सुप्रीम कोर्ट के जज बोले- सत्ता बचाने के लिए सरकारें झूठ बोलती हैं, पर्दाफाश करें बुद्धिजीवी

New Delhi: सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि फेसबुक और ट्विटर जैसे प्लैटफॉर्म को भी झूठी खबरों पर...

सीजेआइ ने कहा-अदालती कार्यवाही का सजीव प्रसारण दोधारी तलवार, गुजरात हाईकोर्ट की कार्यवाही का शुरू हुआ सजीव प्रसारण

New Delhi: अदालती कार्यवाही के सजीव प्रसारण (Live Streaming) के जरिए न्यायप्रणाली में पारदर्शिता की पैरवी करते हुए प्रधान न्यायाधीश (CJI) एनवी...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

जेएसएससी नियुक्ति में राज्य के संस्थान से 10वीं व 12वीं की परीक्षा पास होने की अनिवार्य शर्त पर झारखंड सरकार कायम

झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डा रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ में जेपीएससी परीक्षा नियुक्ति में दसवीं और...

ईडी को ललकारने वाले सीएम हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा से छह दिन होगी पूछताछ

अवैध खनन और टेंडर मैनेज करने से जुड़े मनी लाउंड्रिंग मामले में गिरफ्तार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बरहेट विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा...

6th JPSC Exam: सुप्रीम कोर्ट में बोली झारखंड सरकार, नौकरी से निकाले गए 60 को नहीं कर सकते समायोजित

6th JPSC Exam: छठी जेपीएससी नियुक्ति को लेकर झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी पर सुनवाई...

जांच अधिकारी ने नहीं दी गवाही, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला देवी साक्ष्य के अभाव में बरी

पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनकी पत्नी पूर्व विधायक निर्मला देवी समेत चार आरोपी को अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में...