Jharkhand

MNREGA घोटाला: ED ने दायर की चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट, पूजा सिंघल की मां, भाई समेत 5 नए आरोपी शामिल

CourtNews Desk
By CourtNews Desk On 31 Mar, 2026
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1.33 करोड़ की जमीन जब्ती की मांग

Ranchi News: झारखंड के खूंटी जिले में MNREGA समेत विकास योजनाओं में हुए बहुचर्चित घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई तेज कर दी है। ED के रांची जोनल कार्यालय ने PMLA की विशेष अदालत में चौथी सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन शिकायत दाखिल करते हुए पांच नए आरोपियों को मामले में शामिल किया है। साथ ही, रांची के मोउजा बोरिया स्थित 17 डिसमिल जमीन को जब्त करने की मांग भी की गई है, जिसकी कीमत करीब 1.33 करोड़ रुपये बताई गई है। ED द्वारा नामजद नए आरोपियों में वरीय आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की मां कमलेश सिंघल, भाई सिद्धार्थ सिंघल, सास अमिता झा, राधेश्याम फायरवर्क्स LLP, सीए सुमन कुमार का भाई पवन कुमार सिंह शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, ये सभी आरोपी अपराध से अर्जित धन को छिपाने और उसे वैध बनाने की प्रक्रिया (मनी लॉन्ड्रिंग) में सक्रिय रूप से शामिल थे।

मामले की जांच झारखंड पुलिस और विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दर्ज 16 FIR के आधार पर शुरू हुई थी। जांच में सामने आया कि वर्ष 2009 से 2011 के बीच खूंटी जिले में विभिन्न विकास योजनाओं के लिए लगभग 24 करोड़ रुपये जारी किए गए थे, जिनमें से 18.06 करोड़ रुपये फर्जी और घटिया कार्यों के जरिए गबन कर लिए गए। ED की जांच में तत्कालीन उपायुक्त Pooja Singhal को इस पूरे षड्यंत्र की मुख्य लाभार्थी बताया गया है। आरोप है कि उन्होंने योजनाओं की स्वीकृति के बदले 5 प्रतिशत तक कमीशन लिया और संबंधित अधिकारियों को संरक्षण प्रदान किया। इस अवैध धन को बाद में बेनामी कंपनियों, परिजनों और सहयोगियों के माध्यम से निवेश किया गया।

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि अमिता झा के बैंक खातों के जरिए अवैध नकदी को घुमाकर उसे Pulse Sanjeevani Healthcare Pvt. Ltd. में शेयर पूंजी के रूप में लगाया गया। वहीं, सिद्धार्थ सिंघल ने भी इसी तरह अवैध धन का निवेश किया। ED के अनुसार, राधेश्याम फायरवर्क्स LLP के माध्यम से 1.33 करोड़ रुपये की राशि से मोउजा बोरिया में जमीन खरीदी गई, जो पूरी तरह अपराध की आय से जुड़ी है। इस कंपनी में पवन कुमार सिंह और कमलेश सिंघल को नाममात्र का साझेदार बनाकर वास्तविक स्वामित्व छिपाया गया।

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इससे पहले ED इस मामले में आठ आरोपियों के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन शिकायत दाखिल कर चुकी है, जिनमें पूजा सिंघल, उनके पति अभिषेक झा और चार्टर्ड अकाउंटेंट सुमन कुमार समेत अन्य शामिल हैं। गौरतलब है कि 6 मई 2022 को ED द्वारा की गई छापेमारी में सुमन कुमार के आवास से 17.49 करोड़ रुपये नकद और एक अन्य ठिकाने से 1.82 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे। इस तरह कुल 19.31 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की गई थी। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य भी एजेंसी के हाथ लगे थे। ED ने इस मामले में अब तक कई संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है, जिन्हें PMLA की निर्णायक प्राधिकरण द्वारा भी पुष्टि मिल चुकी है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।

🔹 5 नए आरोपी कौन?

ED ने जिन नए आरोपियों को शामिल किया है, उनमें शामिल हैं:

  • अमिता झा
  • सिद्धार्थ सिंघल
  • राधेश्याम फायरवर्क्स LLP
  • पवन कुमार सिंह
  • कमलेश सिंघल

🔹 1.33 करोड़ की जमीन जब्त करने की मांग

ED ने कोर्ट से रांची के मोउजा बोरिया में स्थित 17 डिसमिल जमीन को जब्त (कंफिस्केट) करने की मांग की है। यह जमीन कथित रूप से अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) से खरीदी गई थी।

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🔹 क्या है पूरा मामला?

  • जांच 16 FIR के आधार पर शुरू हुई थी, जो झारखंड पुलिस और विजिलेंस ब्यूरो ने दर्ज की थीं।
  • 2009–2011 के बीच खूंटी जिले में विकास कार्यों के लिए लगभग ₹24 करोड़ जारी हुए।
  • इनमें से करीब ₹18.06 करोड़ फर्जी और घटिया कार्यों के जरिए गबन किए गए।

🔹 IAS पूजा सिंघल पर मुख्य आरोप

जांच में सामने आया कि तत्कालीन उपायुक्त पूजा सिंघल (IAS) इस साजिश की मुख्य लाभार्थी थीं।

  • परियोजनाओं की स्वीकृति के बदले 5% कमीशन लिया जाता था।
  • अधिकारियों को बचाने में भी उनकी भूमिका बताई गई।
  • अवैध धन को बेनामी कंपनियों और रिश्तेदारों के जरिए निवेश किया गया।

🔹 कैसे किया गया मनी लॉन्ड्रिंग?

  • अमिता झा के खाते में ₹20.70 लाख नकद जमा कर उसे कंपनी में शेयर कैपिटल के रूप में लगाया गया।
  • सिद्धार्थ सिंघल ने भी अवैध नकदी निवेश की।
  • राधेश्याम फायरवर्क्स LLP के जरिए ₹1.33 करोड़ की जमीन खरीदी गई।
  • पवन कुमार सिंह और कमलेश सिंघल को LLP में “डमी पार्टनर” बनाया गया।

🔹 छापेमारी में क्या मिला?

  • 6 मई 2022 को 24 ठिकानों पर छापेमारी हुई
  • CA सुमन कुमार के घर से ₹17.49 करोड़ नकद बरामद
  • एक अन्य ठिकाने से ₹1.82 करोड़
  • कुल जब्ती: ₹19.31 करोड़ (लगभग)

🔹 पहले से कौन-कौन आरोपी?

इस मामले में पहले ही 8 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज हो चुकी है, जिनमें शामिल हैं:

  • पूजा सिंघल
  • उनके पति अभिषेक झा
  • CA सुमन कुमार
  • Pulse Sanjeevani Healthcare Pvt. Ltd.

🔹 आगे क्या?

ED ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और और भी खुलासे हो सकते हैं।

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