ईडी कोर्ट के आदेश को दी चुनौती, पीएमएलए की धारा 44(1)(डी) के तहत ट्रायल कराने का अनुरोध
Ranchi News: बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन के फर्जीवाड़े और मनी लांड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आरोप गठन टालने की मांग खारिज करने के ईडी कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनकी ओर से दाखिल याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी। मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट से पीएमएलए एक्ट की धारा 44(1)(डी) के प्रावधानों के तहत मामले में ट्रायल कराने का अनुरोध किया है।
ईडी कोर्ट ने 21 सितंबर को हेमंत सोरेन की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने जांच जारी रहने तक आरोप गठन की प्रक्रिया टालने की मांग की थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया है। याचिका में पीएमएलए की धारा 44(1)(डी) का हवाला देते हुए ट्रायल की प्रक्रिया निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुरूप संचालित करने का आग्रह किया गया है।
मनी लांड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय किया जाना है। इससे पहले 21 सितंबर को वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ईडी की विशेष अदालत में उपस्थित हुए थे। आरोप गठन पर सुनवाई के दौरान उन्होंने मामले से जुड़े दस्तावेजों को देखने के लिए समय मांगा था। अदालत ने कहा था कि फिलहाल आरोप गठन के बिंदु पर सुनवाई हो रही है और संबंधित दस्तावेज इस प्रक्रिया से जुड़े नहीं हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री के आग्रह पर अदालत ने उन्हें छह दिन का समय दिया था।
ईडी कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की है। उस दिन सुबह 11 बजे आरोप गठन के बिंदु पर सुनवाई होनी है। मामले में मुख्य आरोपी सीआई भानु प्रताप प्रसाद समेत 16 आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं। अब केवल हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया शेष है। हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर होने वाली सुनवाई से यह तय होगा कि मुख्यमंत्री की मांग पर आगे क्या कानूनी दिशा बनती है।

