हाईकोर्ट में सोमवार से सिर्फ अतिमहत्वपूर्ण केस की होगी सुनवाई

Corona Effect कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार से अगले आदेश तक सिर्फ जरूर मामलों की ही सुनवाई होगी।

Ranchi: कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार से अगले आदेश तक सिर्फ जरूर मामलों की ही सुनवाई होगी। वर्ष 2021 में दाखिल अति महत्वपूर्ण मामलों पर ही सुनवाई होगी। सभी मामलों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी। इसके अलावा अन्य मामलों पर सुनवाई स्थगित होगी। इस संबंध में हाई कोर्ट ने आदेश जारी कर दिया है। जरूरी मामलों पर सुनवाई के लिए ई-मेल से वकीलों को आग्रह करना होगा। बता दें कि झारखंड हाई कोर्ट के कई कर्मचारी भी संक्रमित हुए हैं। संक्रमण की बढ़ती रफ्तार और इससे होने वाली परेशानी को देखते हुए एहतियात के तौर पर हाई कोर्ट ने उक्त निर्णय लिया है। हाई कोर्ट में अभी सभी कार्य ऑनलाइन किए जा रहे हैं। केस की फाइलिंग, शपथपत्र दाखिल करने से लेकर सभी कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं।

इधर, राज्य के सभी अधिवक्ता दो मई तक किसी भी अदालती कार्य में शामिल नहीं होंगे। इस दौरान न तो वे वर्चुअल कोर्ट में हाजिर होंगे और न फिजिकल कोर्ट में। रविवार को झारखंड स्टेट बार काउंसिल की हुई बैठक में इस संबंध में निर्णय हुआ है। इसके तहत किसी भी न्यायिक कार्य के लिए वकीलों को न्यायालय कक्ष में जाने पर रोक रहेगी। झारखंड हाई कोर्ट में ऑनलाइन के जरिए सिर्फ कोरोना से संबंधित मामलों में ही वकील शामिल हो सकते हैं। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए झारखंड बार काउंसिल 19 अप्रैल से ही वकीलों को अदालती कार्य से खुद को अलग रखने का आदेश दिया है। पहले यह रोक 19 से 24 अप्रैल तक थी।

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रविवार को हुई काउंसिल की बैठक में इसको एक सप्ताह तक और बढ़ाने का निर्णय हुआ और इसे दो मई तक बढ़ा दिया गया है। काउंसिल की बैठक में कहा गया कि राज्य में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। संक्रमण की दर में कोई कमी नहीं हुई है जिससे संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। राज्य के कई वकील, उनके परिजन और अधिवक्ता लिपिक भी कोरोना संक्रमित हो रहे हैं। अस्पतालों में समुचित इलाज नहीं हो रहा है। ऐसे में वकीलों को बच कर रहना जरूरी है। बार काउंसिल की बैठक में सभी सदस्यों ने अपने विचार रखें। 17 में से 13 सदस्य रोक की अवधि एक सप्ताह तक बढ़ाने पर सहमति जताई, जबकि चार ने इसपर पूरी तरह सहमत नहीं हुए।

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