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हाईकोर्ट ने चैबंर से पूछा- अपर बाजार में कितने व्यवसायिक भवनों के पार्किंग में चलती है दुकानें, आरएमसी भी करे सर्वे

सुनवाई के दौरान अदालत ने अपर बाजार के व्यावसायिक भवनों को लेकर झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं रांची नगर निगम से रिपोर्ट मांगी है।

Ranchi: Upper Bazar in Ranchi झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में रांची के अपर बाजार में पार्किंग में दुकान व सड़क पर वाहन खड़े करने को लेकर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने अपर बाजार के व्यावसायिक भवनों को लेकर झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एवं रांची नगर निगम से रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने चैंबर को पूछा है कि अपर बाजार में ऐसे कितने मार्केटिंग कांप्लेक्स हैं जहां पार्किंग का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।

अदालत ने ऐसा ही सर्वे नगर निगम को भी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि अपर बाजार की हर गली में फायर ब्रिगेड के वाहन सुगमता से प्रवेश कर सके इसकी व्यवस्था होनी चाहिए। इसी अनुसार यहां की सड़कें चौड़ी भी होनी चाहिए। यह तय करना होगा कि अपर बाजार में फायर ब्रिगेड वाहन सुगमता से पहुंच सके। यदि ऐसा नहीं हो सकता तो इतनी बड़ी आबादी को उनके हाल पर नहीं छोड़ा जा सकता।

मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी। सुनवाई के दौरान अदालत को रांची नगर निगम की ओर से बताया गया कि अपर बाजार में यातायात सुगम बनाने के लिए नो पार्किंग जोन बनाया गया है। कई मोहल्लों की सड़कों पर वाहनों के परिचालन पर रोक लगायी गयी है। प्रयोग के तौर पर यह व्यवस्था की गयी है। अपर बाजार में कुछ नया पार्किंग स्थल भी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए चैंबर और इलाके के व्यवसायियों का सहयोग भी लिया जा रहा है।

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प्रार्थी की ओर से बताया गया कि अपर बाजार में कई प्रतिष्ठानों का निर्माण नियमों के खिलाफ किया गया है। अधिकांश व्यावसायिक कांप्लेक्स में पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गयी है। पार्किंग स्थल में दुकानें खोल दी गयी हैं। इस कारण लोग अपना वाहन सड़क पर ही लगा देते हैं इससे बहुत परेशानी होती है। अतिक्रमण के कारण सड़कें संकीर्ण हो जाती हैं और जाम लग जाता है।

अपर बाजार की हालत ऐसी है कि यदि कोई बड़ी दुर्घटना हो जाए, तो वहां फायर ब्रिगेड के वाहन कई मोहल्ले में नहीं पहुंच सकेंगे। निगम की ओर से बताया गया कि अपर बाजार के 325 भवनों को नोटिस दिया गया है। कई लोगों ने जवाब दिया है और उनके मामले पर सुनवाई जारी है। इसस संबंध में दाखिल याचिका में कहा गया है कि अपर बाजार में अतिक्रमण किया गया है। बिना नक्शे के भवन और व्यावसायिक प्रतिष्ठान का निर्माण किया गया है।

बेसमेंट में दुकानें चल रही हैं, जिसकी वजह से सड़क पर गाड़ियां खड़ी की जाती है। इस कारण पूरे अपर बाजार में जाम लगता है। सड़क पर दुकानें लगने और वाहन खड़े होने से सड़क इतनी संकरी हो गई है कि यहां फायर ब्रिगेड वाहन नहीं पहुंच सकते। आगजनी की कई घटना के दौरान इस क्षेत्र में फायर ब्रिगेड के वाहन नहीं पहुंच पाए। ऐसे में अगर कोई बड़ा हादसा होता है तो जानमाल का काफी नुकसान हो सकता है।

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