Ranchi News: पूजा की छुट्टियों के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने एक विशेष आपातकालीन सुनवाई में बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के सभी गेटों से नाकेबंदी हटाने का निर्देश दिया। स्थानीय विधायक और विस्थापित अप्रेंटिस संघ (VAS) के आंदोलनकारियों द्वारा प्लांट के सभी प्रवेश एवं निकास द्वारों को पूरी तरह बंद कर दिए जाने के बाद यह मामला सीधे मुख्य न्यायाधीश के संज्ञान में लाया गया, जिसके बाद जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की एकल पीठ का गठन किया गया।
सेल/बीएसएल प्रबंधन की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने कोर्ट को बताया कि 16 अक्टूबर से लगभग 3,500 से अधिक कर्मचारी प्लांट के अंदर फंसे हुए थे। गेट बंद होने के कारण उन्हें भोजन, पानी और दवाइयाँ तक नहीं मिल पा रही थीं। इसके अलावा, ब्लास्ट फर्नेस में 12,000 टन पिघला हुआ लोहा जमने का गंभीर खतरा पैदा हो गया था, जिससे हजारों करोड़ रुपये के नुकसान और भयानक औद्योगिक त्रासदी की आशंका थी।
सुनवाई के दौरान वर्चुअल माध्यम से पेश हुए बोकारो के उपायुक्त (DC) अजय नाथ झा और पुलिस अधीक्षक (SP) नाथू सिंह मीणा ने अदालत को आश्वस्त किया कि आंदोलनकारियों को समझा-बुझाकर हटा दिया गया है। मुख्य गेट संख्या-01 समेत सभी 11 गेटों को पूरी तरह खोल दिया गया है और कर्मचारियों का आवागमन बहाल कर दिया गया है। उपायुक्त ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि भविष्य में प्लांट के संचालन और कर्मचारियों की सुरक्षा में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। हाईकोर्ट ने प्रशासन के इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए उपायुक्त और एसपी को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर 2026 तय की।

