Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) के अंतर्गत किए गए अवैध निर्माणों को एक माह के भीतर ध्वस्त करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि आदेश के अनुपालन के लिए जेएनएसी को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाए। साथ ही नगर विकास सचिव, जमशेदपुर के उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक को सहयोग में किसी भी तरह की कमी के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है। कोर्ट ने जेएनएसी के उप नगर आयुक्त को 25 फरवरी तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।
अवैध निर्माण पर दया का समय नहीं : कोर्ट
खंडपीठ ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि अब अवैध निर्माणों के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी दिखाने का समय नहीं है। बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण संबंधित प्राधिकारियों की मिलीभगत या घोर निष्क्रियता के बिना संभव नहीं हो सकते।
जांच समिति ने बताई गंभीर अनियमितताएं
हाईकोर्ट द्वारा गठित तीन अधिवक्ताओं की समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि निजी प्रतिवादियों द्वारा किए गए निर्माण कानून के अनुरूप नहीं हैं। स्वीकृत नक्शे से अधिक निर्माण और भवन उपनियमों के उल्लंघन के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से ईमानदार नागरिकों को नुकसान हो रहा है।