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Jharkhand News/Jhalsa: झालसा कैलेंडर-2026 और ‘न्याय डगर–2025’ का विमोचन, जस्टिस एसएन प्रसाद ने लापता बच्चों पर जताई चिंता

CourtNews Desk
By CourtNews Desk On 17 Jan, 2026
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Ranchi News: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के कार्यपालक अध्यक्ष सह झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि राज्य में लापता बच्चों और बाल तस्करी के बढ़ते मामलों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि संबंधित तंत्र और पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) अधिक सतर्क रहें, तो कई बच्चों को समय रहते सुरक्षित किया जा सकता है। शनिवार को न्याय सदन स्थित झालसा सभागार में झालसा गतिविधि कैलेंडर–2026 और झालसा की वार्षिक पत्रिका ‘न्याय डगर’ (विशेष अंक–2025) का विमोचन किया गया। साथ ही रांची विधिक साक्षरता क्लब के स्वयंसेवियों का सम्मान समारोह भी आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10.30 बजे न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर किया।अपने मुख्य संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में झालसा द्वारा कई महत्वपूर्ण गतिविधियां संचालित की गईं, जिनका विवरण ‘न्याय डगर’ में संकलित है। नई गतिविधियों को गतिविधि कैलेंडर–2026 में शामिल किया गया है, जिसमें राज्य लोक अदालत, मासिक लोक अदालत, जागरूकता एवं आउटरीच कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई है। युवा जागरूकता और आउटरीच कार्यक्रम के तहत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों का सम्मानित किया गया।

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न्यायमूर्ति प्रसाद ने कहा कि पुलिस थाना, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर तैनात पीएलवी को अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक सजग रहना चाहिए, ताकि किसी बच्चे के लापता होने की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि रोजगार के पर्याप्त अवसर न होने के कारण झारखंड के युवाओं को राज्य से बाहर जाना पड़ता है, जिससे कई सामाजिक समस्याएं जन्म लेती हैं। उन्होंने बताया कि न्यायिक आदेशों के बाद कई तस्करी पीड़ित बच्चों को मुक्त कराया गया है, लेकिन पुनर्वास के बाद आजीविका की समस्या उनके सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ी होती है। ऐसे बच्चों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने की आवश्यकता है, ताकि उन्हें दोबारा राज्य से बाहर न जाना पड़े। कार्यक्रम में सिटी एसपी पारस राणा, सभी जिलों के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, डालसा सचिव, पैनल अधिवक्ता, एलएडीसी, पीएलवी एवं अन्य गणमान्य अतिथि वर्चुअल एवं प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे। स्वागत भाषण सदस्य सचिव सुश्री कुमार रंजना अस्थाना ने दिया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन उप-निबंधक-सह-उप सचिव अभिषेक कुमार ने किया।

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