सरकारी स्कूल के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को पढ़ाई के लिए मोबाइल की मांग

झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में सरकारी स्कूल के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मोबाइल, इंटरनेट और अन्य डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराने के लिए दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।

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high court of jharkhand

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत में सरकारी स्कूल के आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मोबाइल, इंटरनेट और अन्य डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराने के लिए दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिका में कुछ त्रुटि रहने के कारण प्रार्थी को त्रुटि दूर करने और महाधिवक्ता को इस मामले पर सरकार से निर्देश लेने को कहा है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 29 जुलाई को निर्धारत की गई है।

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इसको लेकर सुनील कुमार सिंह ने झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण के कारण सरकारी और निजी स्कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। सरकार भी बच्चों को डिजिटल कंटेट दे रही है, लेकिन बड़ी संख्या में छात्र इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

राज्य में करीब 40 हजार सरकारी स्कूल हैं और इन स्कूलों के करीब दस प्रतिशत छात्र ही डिजिटली पढ़ाई कर रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर रहने के कारण बच्चों के पास स्मार्ट फोन, लैपटॉप और कंप्यूटर तथा इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। ऐसे में वह पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं।

सरकार को इस मामले में संवेदनशील होकर बच्चों को मोबाइल और इंटनरेट की सुविधा प्रदान करनी चाहिए। इस पर अदालत ने कहा कि यह सरकार का नीतिगत मामला है। उन्होंने कहा कि हम सभी को भी समाज में कुछ करने की जरूरत है। ऐसे में हम लोग ही उन बच्चों को कुछ दें।