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दल-बदल और बाबूलाल मरांडी को विधायक दल का नेता बनाने के मामले में सुनवाई 19 जनवरी को

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 14 Jan, 2021
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BJP Leader Babulal Marandi
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-स्पीकर ने शपथपत्र दाखिल कर कहा स्वत: संज्ञान वाले मामले में कोई कार्रवाई नहीं करेंगे
-विधायक दल के नेता के मान्यता का मामला सिंगल बेंच में भेजने का आग्रह
-बाबूलाल ने कहा कि स्वत:संज्ञान मामले में स्पीकर का अधिकार तय करे कोर्ट
-भाजपा ने कहा स्पीकर विधायक दल के नेता के रुप में नहीं दे रहे मान्यता

रांची। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी के दल बदल मामले में स्पीकर के स्वत: संज्ञान लेने के अधिकार के मामले पर सुनवाई जारी रखने और भाजपा की ओर से बाबूलाल मरांडी को विधायक दल के नेता के रुप में मान्यता देने के मामले पर हाईकोर्ट में अब 19 जनवरी को सुनवाई होगी।

इस दिन अदालत तय करेगा कि स्पीकर के जवाब के बाद बाबूलाल की याचिका पर अब सुनवाई की जाएगी या नहीं। साथ ही मरांडी को भाजपा विधायक दल के नेता के रुप में मान्यता देने के लिए दायर याचिका सिंगल बेंच को भेजी जाएगी या नहीं।

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गुरुवार को बाबूलाल की याचिका पर सुनवाई केदौरान स्पीकर की ओर से पक्ष रखते हुए वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि स्वत: संज्ञान लेते हुए जो नोटिस स्पीकर ने बाबूलाल मरांडी को दिया था उस पर दल बदल के मामले पर सुनवाई नहीं की जाएगी। उनके दल बदल के मामल में कुछ और विधायकों ने शिकायक की है इस पर सुनवाई होगी। इस कारण बाबूलाल की इस याचिका पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए।

जबकि बाबूलाल की ओर से कहा गया कि जब किसी ने शिकायत नहीं की थी, तो स्पीकर ने स्वत: संज्ञान लेते हुए उन्हें नोटिस जारी किया था और सुनवाई शुरू की थी। अब विधायकों ने शिकायत की है इसलिए स्पीकर पहले के नोटिस पर कार्रवाई नहीं करने की बात कर रहे हैं। अदालत को यह तय करना चाहिए कि स्पीकर को स्वत: संज्ञान लेने का अधिकार है या नहीं।

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इसी मामले के साथ सूचीबद्ध भाजपा की ओर से दायर याचिका पर भी सुनवाई की गयी है। इसमें स्पीकर की ओर से कहा गया कि दोनों पार्टिंयों का विलय विधानसभा से बाहर हुआ है। इस कारण इस मामले को सुनवाई के लिए सिंगल बेंच भेज देना चाहिए क्योंकि यह मामला सिंगल बेंच के अधिकार क्षेत्र में आता है। इस पर भाजपा की ओर से कहा गया कि इस मामले में मार्च से लेकर अगस्त तक पार्टी विधायक दल के नेता के रूप में बाबूलाल मरांडी को मान्यता देन की मांग कर रही है। लेकिन स्पीकर इसे टाल रहे हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने इन सभी बिंदुओं पर 19 जनवरी को सुनवाई करने की बात कही।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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