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NEET Exam: परीक्षा में धांधली की सीबीआई जांच कराने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, नीट पर केंद्र से जवाब मांगा

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 15 Jun, 2024
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NEET Exam: सुप्रीम कोर्ट ने नीट यूजी 2024 में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से जवाब मांगा है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने कहा कि हम इस बात से भलीभांति अवगत हैं कि यह 24 लाख बच्चों के भविष्य से जुड़ा मामला है।

जस्टिस विक्रमनाथ और संदीप मेहता की पीठ ने यह टिप्पणी तब की, जब याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि यह 24 लाख छात्रों के भविष्य से जुड़ा मसला है, इसलिए जुलाई में काउंसलिंग शुरू होने से पहले एनटीए को परीक्षा के विवरण कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए जाएं। इस पर जस्टिस नाथ ने कहा कि हम समझते हैं, हम इन बातों से भलीभांति अवगत हैं। उन्होंने कहा कि ये सारी दलीलें अगली सुनवाई पर सुनी जाएंगी।

पीठ ने केंद्र और एनटीए को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और कहा कि इन मामलों की सुनवाई पहले से लंबित याचिकाओं के साथ आठ जुलाई को की जाएगी। पीठ ने सीबीआई और बिहार सरकार से भी जवाब मांगा है। इससे पहले, याचिकाकर्ता हितेन सिंह कश्यप की ओर से पेश अधिवक्ता ने पीठ से पेपर लीक की सीबीआई जांच कराने का आदेश देने की मांग की। इस पर जस्टिस नाथ ने कहा कि सीबीआई जांच का आदेश पारित करने से पहले हमें एनटीए और अन्य प्रतिवादियों के पक्षों को सुनना होगा।

पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि क्या मामले में सीबीआई जांच का आदेश एकतरफा पारित किया जा सकता है। क्या यह आपकी दलील है, इस पर अधिवक्ता ने कहा कि एनटीए को जुलाई में काउंसलिंग शुरू होने से पहले हर उम्मीदवार की परीक्षा का विवरण पेश करने के आदेश दिए जाएं। सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को नीट मामले से जुड़ी सात याचिकाओं पर सुनवाई हुई।

नीट परिणाम में गड़बड़ी दूसरा व्यापम कांग्रेस

कांग्रेस ने नीट-यूजी में कथित धांधली को व्यापम 2.0 करार दिया। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर मूकदर्शक बने नहीं रह सकते। मुख्य विपक्षी दल ने कहा कि इस मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में फॉरेंसिक जांच कराई जानी चाहिए।

कोटा में नीट परिणाम के चलते नहीं हुई खुदकुशी

सुप्रीम कोर्ट ने उस दलील पर कड़ी आपत्ति जाहिर की, जिसमें कहा गया कि कोटा में छात्र खुदकुशी कर रहे हैं। इस पर जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा कि कोटा में आत्महत्याएं, नीट-यूजी परिणाम के कारण नहीं हुई थी।

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अनियमितता के दोषी को बख्शा नहीं जाएगा – प्रधान

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि नीट में पारदर्शिता को लेकर वे प्रतिबद्ध हैं। अगर गड़बड़ी पाई जाएगी तो एनटीए अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। किसी अनियमितत्ता के दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रधान ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का अक्षरश पालन का भरोसा दिया। छात्रों और अभिभावकों से शिक्षा मंत्री ने मुलाकात की और भरोसा दिया कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। 

तथ्य छिपा ग्रेस अंक रद्द करने का आरोप

एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने एनटीए पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, तथ्यों को छिपाकर 1563 छात्रों को दिए गए ग्रेस अंक को वापस लिया। एनटीए ने योग्य छात्रों और अयोग्य छात्रों की संख्या का खुलासा नहीं किया है।

मामले हस्तांतरित करने की मांग

सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न हाईकोर्ट में लंबित मामलों को शीर्ष अदालत में हस्तांतरित करने के अनुरोध वाली एनटीए की याचिका पर निजी पक्षों को नोटिस जारी किया। एनटीए ने कहा विभिन्न हाईकोर्ट में अनेक याचिकाएं लंबित हैं। एमबीबीएस, बीडीएस सहित अन्य स्नातक स्तरीय चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) 2024 के पेपर लीक व अन्य अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 41 याचिकाएं दाखिल की गई है।

इन याचिकाओं में परीक्षा से लेकर परिणाम तक में धांधली के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन याचिकाओं में नीट में कथित धांधली की सीबीआई से जांच कराने के अलावा सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच कराने की मांग के अलावा परिणाम को रद्द करने और नये सिरे से परीक्षा आयोजित करने का आदेश देने की मांग की है।

याचिकाओं में लगाए गए हैं गंभीर आरोप

नीट 2024 में शामिल होने वाले छात्र हितेन सिंह कश्यप और पलक मित्तल की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि नीट 2024 का न सिर्फ पेपर लीक हुआ है बल्कि परीक्षा केंद्रों पर भी बड़े पैमाने पर धांधली हुई है। याचिका में दावा किया गया है कि आवेदन करते समय ही ओडिशा, कर्नाटक और झारखंड जैसे राज्यों के छात्रों द्वारा गुजरात के गोधरा में एक विशेष परीक्षा केंद्र चुना है, जो इस पूरी प्रक्रिया को संदेह के घेरे में लाने के लिए पर्याप्त है। इसी याचिका में आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश और बिहार में नीट का पेटर लीक का रैकेट है। याचिका में दावा किया है कि पटना पुलिस ने शास्त्रत्त्ी नगर थाने में पेपर लीक को लेकर भारतीय दंड संहिता की धारा 407, 408, 409 और 120-बी के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

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हजारीबाग के केंद्र में 8 को 100 अंक

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक अन्य याचिका में एनटीए पर आरोप लगाए गए। शीर्ष अदालत में तेलांगना निवासी अब्दुल्ला मोहम्मद फैज और आंध्र प्रदेश निवासी डॉ. शेख रोशन मोहिद्दीन ने अपनी याचिका में कहा है कि झारखंड के हजारीबाग परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने वाले 8 छात्रों को 720 में से 720 अंक मिले हैं। याचिका में यह भी दावा किया गया था कि इस केंद्र पर कुछ छात्रों को 720 में से 716अंक, 718 और 719 अंक भी आए। याचिका में कहा गया है कि बिहार पुलिस ने भी हजारीबाग के इसी परीक्षा केंद्र से पेपर लीक होने का संदेह जताया था।

एनटीए ने ग्रेस अंक देने का फॉर्मूला नहीं बताया

 एनटीए की ओर से नीट के रिजल्ट की घोषणा के बाद से ही शिकायतें शुरू हो गईं थी। 4 जून को नीट-यूजी 2024 के नतीजों की घोषणा के बाद से ही छात्रों, अभिभावकों और विशेषज्ञों ने रिजल्ट अप्रत्याशित होने की शिकायत की।

एनटीए पैनल छात्रों को क्लैट में इसी तरह की घटना के संबंध में 2018 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले द्वारा स्थापित फॉर्मूले पर आधारित ग्रेस अंक दिए, लेकिन एनटीए ने ग्रेस अंक की गणना के लिए इस्तेमाल किए गए फॉर्मूले को साझा नहीं किया। यह भी स्पष्ट नहीं है कि क्या उन्होंने क्लैट के फॉर्मूले का उपयोग किया था या उसमें संशोधन किया था।

एजेंसी ने कहा कि छात्रों को उपलब्ध समय में हल किए गए प्रश्नों के आधार पर अंक दिया गया था। हालांकि विवाद के बाद अब ग्रेस अंक समाप्त करने का फैसला लिया गया है। नीट 2024 के नतीजे मूल रूप से निर्धारित तिथि से 10 दिन पहले 4 जून को प्रकाशित किए गए थे।

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Devesh Ananad

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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