high court news

Gangrape: हाईकोर्ट का फैसला, बालिग लड़की की सहमति से संबंध बनाना अपराध नहीं, लेकिन यह अनैतिक

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 31 Oct, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Allahabad high court
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Pryagraj: Gangrape इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की अदालत ने प्रेमी के सामने प्रेमिका से गैंगरेप मामले में आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। इलाहबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि बालिग लड़की की सहमति से यौन संबंध बनाना अपराध नहीं, लेकिन यह अनैतिक, असैद्धांतिक और भारतीय सामाजिक मूल्यों के खिलाफ है।

अदालत ने कहा कि अपने को लड़की का ब्वाय फ्रेंड कहने वाले का कर्तव्य था कि वह बाकी आरोप‍ियों से सामूहिक दुराचार होने से उसकी रक्षा करता। एक केस की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्‍ट‍िस राहुल चतुर्वेदी ने कहा कि प्रार्थी अपने सामने प्रेमिका का गैंगरेप होते चुपचाप देखता रहा। उसने लेश मात्र भी विरोध नहीं किया।

See also  Ranchi: रिश्वत मामले में राजस्व कर्मचारी संजय को मिली कठोर कारावास, जुर्माना भी

इसे भी पढ़ेंः Cheating: पटना हाईकोर्ट ने कहा- मुवक्किल से धोखा करने वाले अधिवक्ता के खिलाफ बार काउंसिल करे कार्रवाई

जस्टिस राहुल चतुर्वेदी की अदालत ने बालिग के सामूहिक दुष्कर्म मामले में याचिका कर्ता प्रेमी राजू की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। दरअसल जनपद कौशांबी में सराय अकिल थाना क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म की वारदात 20 फरवरी 2021 को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें पुलिस ने 4 लोगों के विरुद्ध पाक्सो एक्ट एवं अन्य भारतीय दंड सहिता की धाराओं में केस दर्ज किया था।

घटना क्रम के अनुसार 19 फरवरी को पीड़िता सुबह घर से सिलाई केंद्र पर गई थी। वापस लौटते समय उसने प्रेमी को मिलने को बुला लिया। नदी किनारे दोनों मिले। कुछ देर बाद तीन अन्य लोग वहां आ गए। प्रेमी को पकड़ कर उसके सामने तीन लोगों ने प्रेमिका से सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था।

See also  सुप्रीम कोर्ट ने कहा- चार्जशीट दाखिल करते समय प्रत्येक आरोपी को हिरासत में लेना जरूरी नहीं

अदालत ने जमानत देने से इन्कार करते हुए कहा कि यह निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता कि जमानत दाखिल करने वाले प्रार्थी का अभियुक्तों से कोई संबंध नहीं है। अपराध में शामिल होने की संभावना है। इसलिए जमानत की सुविधा नहीं दी जा सकती है।

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

2,377 articles published
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment