Fodder Scam: दो आपूर्तिकर्ताओं की ओर से हुई बहस, कहा- उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं

255
civil court of ranchi

Ranchi: Fodder Scam लालू प्रसाद से जुड़े चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले में आपूर्तिकर्ता बालकृष्ण शर्मा एवं सरस्वती चंद्रा की ओर से बहस की गई। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसके शशि की अदालत में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बहस के दौरान कहा कि इन दोनों का घोटाले में कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। सरस्वती चंद्रा को तो फर्जी आपूर्ति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

बाल कृष्ण शर्मा की ओर से जारी बहर पूरी हो गई। लेकिन सरस्वती चंद्रा की बहस जारी रही। अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख सात सितंबर निर्धारित की है। बता दें कि डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़े आरसी 47ए/96 मामले में लालू प्रसाद, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, डॉ. आरके राणा, ध्रुव भगत, डॉ. गौरी शंकर प्रसाद समेत 112 आरोपी मुकदमा का सामना कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ेंः हाईकोर्ट का निर्देशः सभी आदेशों की प्रति को कराएं लेमिनेट

अनुसूचित जाति की योजना में घोटाले की जांच की मांग

राज्य के अनुसूचित जाति के लिए केंद्र प्रायोजित योजना में घोटाले की जांच की मांग को लेकर झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। प्रार्थी संतोष दास की ओर से अधिवक्ता अनूप अग्रवाल ने उक्त याचिका दाखिल की है। याचिका में इस घोटाले की जांच एसीबी से कराने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य के अनुसूचित जातियों के विकास के लिए अनुसूचित जाति सब योजना के नाम से उनके कल्याण के लिए केंद्र से पैसा मिलता है।

उक्त राशि से उनको घर, रोड, सिचाई, नलकूप सहित अन्य व्यवस्था की जाती है। झारखंड के 28 गांवों के विकास के लिए केंद्र की ओर से पैसे दिए गए थे। लेकिन रांची और देवघर के गावों में बिना काम के ही पैसे निकाल लिए गए। इस बारे में संतोष दास ने लोकायुक्त के यहां शिकायत की थी। जांच में फर्जीवाड़े की बात समाने आई है। देवघर जिला प्रशासन ने भी माना है कि इस योजना का क्रियान्वयन सही तरीके से नहीं हुआ है। इन सभी रिपोर्ट को आधार बनाकर हाी कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है।