processApi - method not exist
Home high court news Dating sites: मुलाकात के दो दिनों में सेक्स से चरित्र पर उठा...

Dating sites: मुलाकात के दो दिनों में सेक्स से चरित्र पर उठा सवाल, हाईकोर्ट ने कहा-डेटिंग साइट पर होना नैतिकता का पैमाना नहीं

Prayagraj: Dating sites इलाहाबाद हाईकोर्ट(Allahabad High Court) ने कहा है कि किसी शख्स के डेटिंग वेबसाइट पर ऐक्टिव होने के आधार पर उसकी नैतिकता का आकलन नहीं किया जा सकता है। यह टिप्पणी हाईकोर्ट ने बलात्कार के आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील की दलील पर की है।

दलील में कहा गया था कि पीड़िता आरोपी से डेटिंग साइट पर संपर्क में आई और चौथे ही दिन उससे मिलने पहुंच गई। ऐसे में पीड़िता की नैतिकता संदेहास्पद है। कोर्ट ने इसे नहीं माना और अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ शादी का वादा कर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करवाई थी।

प्राथमिकी के मुताबिक आरोपी और पीड़िता दोनों एक डेटिंग साइट के जरिए संपर्क में आए। आरोप है कि डेटिंग साइट पर मिलने के चौथे ही दिन दोनों की आमने-सामने मुलाकात हुई। आरोपी ने पीड़िता से यह कह कर शारीरिक संबंध बनाए कि वह उससे शादी करेगा, लेकिन बाद में वह शादी करने की बात से मुकर गया।

इसे भी पढ़ेंः Court News: हाईकोर्ट ने कहा- एमपी-एमएलए के खिलाफ लंबित मामलों को छह माह में निपटाएं

केस दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी नोएडा निवासी अभय चोपड़ा ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की। याचिका पर सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष के वकील ने दलील दी कि दोनों के संपर्क में आने के महज चार दिन के भीतर ही शारीरिक संबंध बने।

इससे साबित होता है कि यह आपसी सहमति का मामला है। यह भी कहा गया कि आरोपी ने पीड़िता से शादी का कोई वादा नहीं किया था, ऐसे में रेप का आरोप गलत है। जस्टिस विवेक अग्रवाल ने इस तर्क को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोपी अदालत में समर्पण कर कार्यवाही में सहयोग करने के लिए स्वतंत्र है।

वह संबंधित कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल कर सकता है। कोर्ट इस आदेश में की गई टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना मेरिट के आधार पर अपना फैसला सुनाएगा। दो बालिग अगर किसी डेटिंग साइट पर मिलते हैं और चौथे दिन आमने-सामने की मुलाकात के दौरान उनमें विश्वास पैदा होता है, जिसके आधार पर वह शारीरिक संबंध बनते हैं तो इससे किसी के चरित्र का आकलन या उसकी नैतिकता तय नहीं की जा सकती।

RELATED ARTICLES

Jharkhand High Court decision: निर्वाचन सेवा के पदाधिकारी माने जाएंगे राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी

Ranchi: Jharkhand High Court decision झारखंड हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य विभाजन के समय निर्वाचन सेवा में आए...

Road dispute: हाईकोर्ट ने वकील के घर के सामने चारदीवारी बनाने पर रांची एसएसपी को किया तलब

Ranchi: Road dispute झारखंड हाईकोर्ट ने डोरंडा के गौरीशंकर नगर में रहने वाले वकील अमरेंद्र प्रधान की याचिका पर सुनवाई करते हुए...

SDO promotion: हाईकोर्ट ने कहा- प्रोन्नति पर लगी रोक वापस नहीं ली गई, तो मुख्य सचिव कोर्ट में होंगे हाजिर

Ranchi: Jharkhand High Court: झारखंड हाई कोर्ट में सोमवार को डिप्टी कलेक्टर से एसडीओ (SDO promotion) के पद पर प्रोन्नति की अनुशंसा...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Court News: बेटा होने पर शराब पार्टी के लिए पैसे नहीं देने पर टांगी से काटकर कर दी थी हत्या, तीन को आजीवन कारावास

Ranchi: Court News झारखंड के कोडरमा सिविल कोर्ट ने अमित हत्याकांड फैसला सुनाया है। अदालत ने टांगी से काट कर अमित की...

Scam: कृषि विभाग के प्रमुख अभियंता राघवेंद्र सिंह ने कोर्ट में किया सरेंडर

Ranchi: Scam वित्तीय अनियमितता के आरोपी कृषि विभाग के प्रमुख अभियंता राघवेंद्र सिंह ने रांची के एसीबी के विशेष अदालत में आत्मसमर्पण...

Mediation: रिश्तों की कड़वाहट खत्म हुई, जब आमने-सामने बैठे पति-पत्नी; अब जीवनभर रहेंगे साथ-साथ

Ranchi: Mediation रांची सिविल कोर्ट के मध्यस्थता केंद्र में विशेष मध्यस्थता अभियान चलाया गया। इस दौरान रिश्तों की कड़वाहट को भुलाकर तीन...

Jharkhand High Court decision: निर्वाचन सेवा के पदाधिकारी माने जाएंगे राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी

Ranchi: Jharkhand High Court decision झारखंड हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य विभाजन के समय निर्वाचन सेवा में आए...