झारखंड विधानसभा में नमाज कक्ष आवंटन के खिलाफ हाईकोर्ट में एक और जनहित याचिका दाखिल

Namaz Room झारखंड विधानसभा में नमाज के लिए कमरा आवंटित करने के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में एक और जनहित याचिका दाखिल की गई है।

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high court of jharkhand

Ranchi: Namaz Room झारखंड विधानसभा में नमाज के लिए कमरा आवंटित करने के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में एक और जनहित याचिका दाखिल की गई है। प्रार्थी अजय कुमार मोदी ने जनहित याचिका दाखिल कर विधानसभा अध्यक्ष के उस आदेश को निरस्त करने का आग्रह किया गया है जिसमें नमाज के लिए कमरा संख्या टीडब्ल्यू 348 आवंटित किया गया है।

प्रार्थी ने अदालत से स्पीकर के आदेश को असंवैधानिक करार देने की मांग की है। प्रार्थी का कहना है कि किसी भी धर्म विशेष के आधार पर किसी सरकारी स्थल पर कमरा आवंटित नहीं किया जा सकता। बता दें कि इसके पहले भैरव सिंह ने भी जनहित याचिका दाखिल कर स्पीकर के आदेश को निरस्त करने का आग्रह किया है।

सदर अस्पताल निर्माण मामले में सुनवाई आज

रांची के सदर अस्पताल के निर्माण पूरा नहीं होने पर दाखिल अवमानना याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान बताया गया कि निगरानी के लिए बनी कमेटी की रिपोर्ट पर निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया है। अस्पताल का निर्माण कार्य 30 सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद नहीं है।

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इस पर निर्माण कंपनी की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए एक दिन के समय देने का आग्रह किया गया। हाईकोर्ट ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए शुक्रवार को सुनवाई निर्धारित कर दी। सदर अस्पताल के भवन निर्माण के शेष सभी कार्य पूरा करने के लिए निर्माण कंपनी को 30 सितंबर तक का समय दिया गया है।

हाईकोर्ट ने रांची के उपायुक्त को इसकी मॉनिटरिंग करने और हर सप्ताह रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। उपायुक्त ने कार्यपालक दंडाधिकारी के नेतृत्व में एक कमेटी बनायी है। इसमें निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि को भी शामिल किया गया है। कार्यपालक दंडाधिकारी ने उपायुक्त को जो रिपोर्ट सौंपी है।

उसमें स्पष्ट कहा है कि उच्च न्यायालय में ज्योति शर्मा द्वारा दायर अवमानना वाद में अद्यतन स्थिति पर प्रतिशपथ पत्र दायर करने को लेकर संयुक्त जांच प्रतिवेदन तैयार किया गया। लेकिन प्रतिवेदन पर संवेदक के प्रतिनिधि विक्रांत एवं मो. रफीक ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। जांच समिति में कंपनी के प्रतिनिधियों के अलावा कार्यपालक अभियंता, एनआरईपी 1, कार्यपालक दंडाधिकारी, सदर, रांची व कार्यपालक अभियंता भवन निर्माण विभाग शामिल थे।