Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए गढ़वा सदर अस्पताल में संविदा पर कार्यरत चिकित्सक डॉ. राकेश कुमार तरुण को पत्नी और दोनों बच्चों के लिए कुल 90 लाख रुपये देने का आदेश दिया है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने छह अगस्त 2026 को यह फैसला सुनाया।
अदालत ने पत्नी के लिए 40 लाख रुपये स्थायी गुजारा भत्ता और बेटे व बेटी के नाम 25-25 लाख रुपये राष्ट्रीयकृत बैंक में सावधि जमा कराने का निर्देश दिया है। पूरी राशि का भुगतान 12 महीने में चार बराबर किस्तों में करना होगा। पहली किस्त आदेश की तारीख से एक महीने के भीतर देनी होगी।
मामले में पति ने गढ़वा फैमिली कोर्ट के 19 फरवरी 2025 के आदेश को चुनौती दी थी। फैमिली कोर्ट ने पति की तलाक याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट में दोनों पक्षों ने पहले साथ रहने की इच्छा जताई, लेकिन झालसा में हुई मध्यस्थता सफल नहीं हुई। इसके बाद पति ने पत्नी को 40 लाख रुपये देने और बच्चों की शिक्षा व बेटी की शादी का खर्च उठाने की पेशकश की, जिसे पत्नी ने पर्याप्त नहीं माना।
अदालत ने दोनों पक्षों की आय, संपत्ति, आर्थिक क्षमता, बच्चों की जिम्मेदारी और जीवन स्तर को ध्यान में रखते हुए 90 लाख रुपये की राशि तय की। अदालत ने कहा कि गुजारा भत्ता तय करने का कोई निश्चित गणितीय फार्मूला नहीं है। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का फैसला रद्द करते हुए तलाक मंजूर किया, लेकिन इसे तय राशि के भुगतान के अधीन रखा है।

