ओरमांझी में 43 किलो गांजे के साथ पकड़े गए थे आरोपी; बिहार के सीवान के रहने वाले हैं सभी दोषी
Ranchi News: मादक पदार्थों (गांजा) की तस्करी से जुड़े एक मामले में एनडीपीएस (NDPS) सह अपर न्यायायुक्त-13 देवाशीष मोहापात्रा की अदालत ने बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले में दोषी ठहराए गए पांच अभियुक्तों को 10-10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने सभी दोषियों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि का भुगतान न करने पर दोषियों को अतिरिक्त अवधि की जेल काटनी होगी। मामले की सुनवाई के दौरान एनसीबी (NCB) के विशेष लोक अभियोजक कुमार वशिष्ठ प्रसाद ने अदालत के समक्ष ठोस साक्ष्य, गवाह और जब्ती सूची पेश की। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत मजबूत सबूतों और तर्कों के आधार पर अदालत ने पांचों आरोपियों को मादक पदार्थ तस्करी का दोषी मानते हुए यह कठोर सजा सुनाई।
बिहार के सीवान निवासी हैं सभी 5 दोषी
सजा पाने वाले सभी पांचों अभियुक्त मूल रूप से बिहार के सीवान जिले के रहने वाले हैं:
- विक्की कुमार उर्फ बाहुबली
- जितेंद्र गिरि
- अजीत कुमार
- मनीष कुमार
- बृज किशोर उर्फ सोनू
(नोट: मामले में शामिल छठा आरोपी नाबालिग निकला, जिसकी सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड (JJB) में अलग से चल रही है।)
2 कार, 43 किलो गांजा और छत्तीसगढ़ से बिहार का कनेक्शन
- एनसीबी की कार्रवाई: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) रांची की टीम ने 2 अक्टूबर 2020 को गुप्त सूचना के आधार पर ओरमांझी थाना क्षेत्र में छापेमारी की थी।
- गांजा बरामदगी: कार्रवाई के दौरान दो स्विफ्ट डिजायर कारों को अंतरप्रांतीय तस्करों के पास से जब्त किया गया, जिनसे कुल 43 किलो गांजा बरामद हुआ था।
- तस्करी का रूट: जांच में यह बात सामने आई थी कि गांजे की यह बड़ी खेप छत्तीसगढ़ से लाई जा रही थी और इसे बिहार ले जाया जा रहा था।