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Ranchi/H Court News: हाईकोर्ट ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम के जमशेदपुर की रीना एंटरप्राइजेज पर लगाए गए ₹5.77 लाख की देनदारी की रद्द, मिली राहत

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By CourtNews Desk On 10 Oct, 2025
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Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के जमशेदपुर की रीना एंटरप्राइजेज पर लगाए गए ₹5.77 लाख की देनदारी रद्द कर दी है। जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अदालत ने ईएसआईसी का आदेश रद्द करते हुए कहा कि बिना वास्तविक निरीक्षण और साक्ष्य के किसी प्रतिष्ठान पर देनदारी नहीं थोपी जा सकती है। इस संबंध में रीना एंटरप्राइजेज जमशेदपुर की ओर से हाईकोर्ट में अपील दायर की गयी थी। फर्म ने 2006 में ईएसआई कोड लिया था, जब 20 कर्मचारियों की नियुक्ति दिखाई गई थी। परंतु ठेका कार्य न मिलने के कारण संस्थान वर्षों तक निष्क्रिय रहा। इसके बावजूद ईएसआईसी ने अगस्त 2009 से जून 2014 तक के लिए ₹5.77 लाख की देनदारी निर्धारित की थी।

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फर्म की ओर से अधिवक्ता मनोज टंडन और सिद्धार्थ रंजन ने दलील दी कि फर्म ने समय-समय पर यह सूचना दी थी कि कार्य नहीं चल रहा है और कर्मचारी भी नहीं हैं। उन्होंने तर्क दिया कि विभाग ने न तो कोई भौतिक निरीक्षण किया और न ही वास्तविक कर्मचारी संख्या की पुष्टि की। वहीं, ईएसआईसी की ओर से अधिवक्ता अशुतोष आनंद ने कहा कि फर्म ने स्वेच्छा से 20 कर्मचारियों का विवरण देकर कोड प्राप्त किया था, इसलिए वह कवर में आती है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद कहा कि विभाग की यह जिम्मेदारी थी कि वह श्रमबल में कमी की सूचना मिलने पर जांच करे। बिना निरीक्षण केवल पुराने आंकड़ों के आधार पर देनदारी तय करना कानून के विपरीत है। अदालत ने पाया कि निचली अदालत ने सबूतों और फर्म द्वारा भेजी गई सूचनाओं पर विचार नहीं किया, ऐसे में उसका आदेश अनुचित प्रतीत होता है।
हाईकोर्ट ने श्रम न्यायालय जमशेदपुर के 4 सितंबर 2024 के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि ईएसआई अधिनियम की धारा 45 के तहत उचित जांच किए बिना योगदान का दावा वैध नहीं माना जा सकता।

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