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ब्लाउज और सूट फिटिंंग की लड़ाई ‘अदालत’ तक पहुंची, ऐसे खत्म हुआ पूरा झगड़ा

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 28 Jul, 2024
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एक महिला के ब्लाउज और सूट फिटिंग नहीं होने का मामला अदालत तक पहुंच गया। उपभोकता आयोग ने बुटिक संचालक पर दस हजार रुपये लौटने का आदेश दिया है। एक महिला ने अपने भतीजे की शादी में पहनने के लिए ब्लाउज और सूट सिलने के लिए बुटीक सेंटर पर दिया था, लेकिन बुटीक संचालक द्वारा ड्रेस का डिजाइन गलत सिल दिया गया। महिला द्वारा बुटीक संचालक से इसकी शिकायत भी की गई, लेकिन उसने इसे अनदेखा कर कोई जवाब नहीं दिया। मजबूर होकर महिला को दूसरी ड्रेस पहनकर भतीजे की शादी में जाना पड़ा। पीड़ित महिला पेशे से एक इंटीरियर डिजाइनर है।

इस घटना से आहत होकर महिला ने शादी से लौटकर बुटीक संचालक के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में वाद दायर कर दिया। इस मामले में उपभोक्ता आयोग ने 11 महीने बाद अब महिला के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग द्वारा बुटीक संचालक को याचिकाकर्ता महिला को 10 हजार रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ लौट के आदेश दिए हैं।

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दरअसल, नोएडा की रहने वाली एक इंटीरियर डिजाइनर दीपिका दुबे ने नोएडा सेक्टर-121 में फरहान फैंसी बुटीक पर अगस्त 2023 में अपने भतीजे की शादी में जाने के लिए तीन ब्लाउज और एक सूट सिलाई के लिए दिए थे। इसके लिए महिला द्वारा बुटीक संचालक को 5 हजार का भुगतान भी किया गया था। महिला का कहना है कि जब बुटीक संचालक द्वारा उनकी ड्रेस सिलकर वापस दी गई तो उन्हें ठीक कपड़े नहीं मिले।

महिला का आरोप था कि सूट की सिलाई गलत और ब्लाउज की फिटिंग सही नहीं थी। साथ ही ब्लाउज के गले का डिजाइन भी गलत बनाया हुआ था। बुटीक संचालक से जब महिला ने इस बात की शिकायत की तो उसे कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद महिला दूसरी ड्रेस पहन कर शादी समारोह में शामिल हुई। इसके बाद महिला ने बुटीक संचालक के विरुद्ध उपभोक्ता आयोग में वाद दायर कर दिया। अब आयोग ने इस मामले में अपना फैसला सुनाते हुए बुटीक संचालक को 10 हजार रुपये छह फीसदी ब्याज के साथ लौटाने के आदेश दिए हैं। साथ ही 3 हजार रुपये मानसिक पीड़ा के लिए भी देने होंगे।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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