सुनवाई के दौरान उपायुक्त, एसपी और नगर आयुक्त रहे व्यक्तिगत मौजूद
Ranchi: हजारीबाग की ट्रैफिक सुगम करने और इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरा करने का निर्देश हाईकोर्ट ने दिया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने स्वाचालित ट्रैफित लाइट मॉनिटरिंग सिस्टम, सीसीटीवी और अन्य उपकरण लगाने का निर्देश दिया। अच्युत स्वरूप मिश्र की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने गुरुवार को यह निर्देश दिया। कोर्ट के आदेश के आलोक में हजारीबाग के उपायुक्त, एसपी और नगर आयुक्त सशरीर हाजिर हुए।
अदालत ने अधिकारियों से पूछा कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए पूर्व में दिए गए आदेशों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है। इस पर उपायुक्त की ओर से बताया गया कि ऑटोमेटिक ट्रैफिक लाइट मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने में 38.9 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए नगर विकास विभाग के पास फाईल भेजी गयी है। विभाग से अभी अनुमति नहीं मिली है। इस पर चीफ जस्टिस ने डीसी से कहा कि आप अभी सचिव से बात करें और कोर्ट को बताएं की कितने दिनों में अनुमति मिलेगी। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई कुछ देर के लिए स्थगित कर दी।
दोबारा सुनवाई शुरू होने पर उपायुक्त ने कोर्ट को बताया कि चार सप्ताह का समय मिलने पर सभी इंतजाम कर दिए जाएंगे। ट्रैफिक सुगम कर दिया जाएगा। इस पर अदालत ने चार सप्ताह का समय दिया और कहा कि हजारीबाग की ट्रैफिक व्यवस्था जल्द सुदृढ़ करें। सीसीटीवी कैमरा कैमरा लगाएं उसका समय-समय पर मेंटेनेंस भी हो ताकि वह अच्छी तरह काम कर सके।
अदालत ने अधिकारियों से सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि दोबारा अतिक्रमण नहीं हो। वाहनों से प्रेशर हॉर्न, काला शीशा, दो पहिया वाहनों पर ट्रिपल राइड रोकने को कहा। ट्रिपल राइड और बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर कार्रवाई करने को कहा।
कार में सीट बेल्ट नहीं लगाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करने का निर्देश अदालत ने दिया।
सुनवाई के दौरान सरकार के जवाब पर प्रार्थी के अधिवक्ता ने विरोध जताया। उन्होंने कहा कि निगम ने अपने जवाब में कहा है कि सभी सीसीटीवी कैमरा फंक्शनल हैं, यह गलत है। शहर में जब भी वारदात होती है और इसकी खबर छपती है उसमें स्पष्ट रूप से कहा जाता है कि वहां का सीसीटीवी कैमरा खराब है। प्रार्थी ने समाचार पत्रों में छपी खबरों का फोटोग्राफ्स दिखाते हुए कहा की सभी सीसीटीवी कैमरे खराब हैं। निगम ने गलत जवाब देकर कोर्ट को गुमराह किया है। सुनवाई के दौरान ई-रिक्शा के बिंदु पर भी सुनवाई हुई। अदालत को बताया कि शहर में ई रिक्शा लगातार बढ़ रहे हैं। इससे जाम और दुर्घटनाएं हो रही हैं। इस पर कोर्ट ने ई रिक्शा की भी मॉनिटरिंग करने की बात कही। मामले की अगली सुनवाई सात अक्तूबर को होगी।

