Ranchi News: सिविल कोर्ट रांची के अपर न्यायायुक्त संजीव झा की अदालत ने छह साल पुराने हत्या की कोशिश, फायरिंग और आर्म्स एक्ट मामले में ट्रायल फेस कर रहे नौ आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि कांके थाना कांड संख्या xxx/2020 में अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में विफल रहा। बरी होने वालों में मोसाहिद अंसारी, तौहीद अंसारी, नेजाम अंसारी, आबिद अंसारी, अकबर अंसारी, इस्माइल अंसारी, असगर अंसारी, यूसुफ अंसारी और मोजाहिद अंसारी उर्फ मुजु शामिल हैं।
अभियोजन के अनुसार 26 अगस्त 2020 को जमीन विवाद के दौरान आरोपियों ने हथियारों से लैस होकर सूचक मोलीब अंसारी और उनके परिजनों पर हमला किया था तथा फायरिंग की थी। मामले में हत्या की कोशिश समेत कई धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत आरोप तय किए गए थे। सुनवाई के दौरान सूचक समेत तीन प्रमुख गवाह अपने बयान से मुकर गए। अदालत में उन्होंने केवल धक्का-मुक्की और विवाद होने की बात कही। सभी गवाहों को अभियोजन ने शत्रुतापूर्ण घोषित किया। वहीं जांच अधिकारी ने भी अदालत को बताया कि उन्होंने स्वयं मामले की जांच नहीं की थी। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि किसी भी गवाह ने फायरिंग, जानलेवा हमला या अवैध हथियार रखने के आरोप की पुष्टि नहीं की। पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया।