Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने वाहनों से काला शीशा, प्रेशर हॉर्न, नेम प्लेट, राजनीतिक दलों का झंडा हटाने का निर्देश सरकार को दिया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को यह निर्देश दिया। अदालत ने रांची के ट्रैफिक एसपी को अदालत के निर्देश का पालन कर चार सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान रांची के ट्रैफिक एसपी कोर्ट में मौजूद थे।
अदालत ने सरकार को राज्य में मोटर वाहन नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। वाहनों पर राजनीतिक दलों, धार्मिक और किसी प्रकार के अनधिकृत झंडा तत्काल हटाने और ध्वज संहिता के प्रावधानों का विधिवत पालन करने का निर्देश दिया है। प्रेशर हॉर्न, मल्टीटोन हॉर्न, अतिरिक्त लाइट और मोडिफाइड वाहनों को सड़कों पर नहीं चलने देने, वाहनों में अतिरिक्त लाइट खास कर लाल और नीले रंग की लाइट, जो आपातकालीन वाहनों का आभास देती हैं को तत्काल हटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अभियान चलाकर इसके खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी स्कूलों, बस स्टैंडों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर यह प्रचारित करने को कहा है कि प्रेशर हॉर्न नहीं लगाएं और नियमों का सख्ती से पालन करें।
सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि समय समय पर वाहनों की जांच की जाती है और नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। इस संबंध में आदर्श सेवाक समाज नामक संस्था ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि बसों और अन्य वाहरों में प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे ध्वनि प्रदूषण बझड रहा है और लोगों को परेशानी भी हो रही है। वाहनों में काला शीशा का इस्तेमाल किया जा रहा है और काले शीशे वाले वाहनों से आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। राजनीतिक दल के लोग वाहनों में नेम प्लेट और पद का बोर्ड और राजनीतिक दल का झंडा लगा कर प्रभाव जमा रहे हैं।