13 साल पुराने लूटकांड में आया फैसला
Ranchi: मांडर के टेढ़ी पुल के निकट वाहन लूटकांड से जुड़े 13 साल पुराने मामले में सिविल कोर्ट रांची के अपन न्यायायुक्त प्रथम की अदालत ने नौ जुलाई को ट्रायल का सामना कर रहा अंतरराज्यीय गिरोह के चार आरोपियों सुबी, अनिद, जाकिर और फारुख सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। चारों आरोपी के उक्त मामले में पांच महीने पहले रिमांड पर लिया गया था। हालांकि आरोपियों ने कई घटना का अंजाम दिया है। डालसा के एलएडीसी वकील बीरेंद्र प्रताप ने आरोपी का पक्ष रखा था। पूर्व में चारों तिहाड़ जेल में बंद था। घटना वर्ष 2012 की है, जब मांडर क्षेत्र में टेढ़ी पुल के पास एक स्कॉर्पियो वाहन को चाकू की नोक पर लूट लिया गया था। आरोपियों ने वाहन सवार एक व्यक्ति को जबरन अपने साथ ले जाकर कुछ दूरी पर छोड़ दिया था। इस लूट की गूंज दूर तक सुनाई दी थी, क्योंकि इस घटना को एक अंतरराज्यीय लूट गिरोह ने अंजाम दिया था।
लूट के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लूटी गई स्कॉर्पियो को दिल्ली से बरामद किया था। सभी आरोपी मथुरा और हरियाणा के रहने वाले बताए गए हैं और राष्ट्रीय राजमार्गों पर लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। घटना को लेकर मांडर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाहों को चार्जशीट में शामिल किया गया था, लेकिन इनमें से केवल दो गवाह मुख्य जांच अधिकारी और जांच अधिकारी की ही गवाही हो सकी। सूचक समेत 9 गवाह नहीं पहुंचा। गवाहों की अनुपस्थिति और पर्याप्त साक्ष्यों के अभाव के कारण अदालत ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। यह मामला न्याय प्रक्रिया में देरी और साक्ष्य के अभाव में न्यायिक व्यवस्था की चुनौतियों को भी उजागर करता है।