Civil Court News

Ranchi: चलंत लोक अदालत सरल एवं त्वरित न्याय पाने का सर्वोत्तम माध्यम: न्यायायुक्त दिवाकर पाण्डेय

CourtNews Desk
By CourtNews Desk On 04 Feb, 2025
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
WhatsApp Image 2025 02 04 at 5.16.03 PM
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi: सिविल कोर्ट रांची के प्रधान न्यायायुक्त दिवाकर पांडे ने मंगलवार को सिविल कोर्ट परिसर से चलंत लोक अदालत सह जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर कहा कि चलंत लोक अदालत के माध्यम से सुदूर क्षेत्रों में रह रहे लोगों को कानून के प्रति जागरूक किया जाएगा। चलंत लोक अदालत सुलभ एवं शीध्र न्याय पाने का उत्तम माध्यम बन गया है। चलंत लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के सुलहनीय मामलों को सुनकर उसका त्वरित निष्पादन भी किया जाएगा। इसके लिए एलएडीसीएस की टीम गठित की गई है।

image

यह चलंत लोक अदालत पूरे एक माह तक रांची जिले के विभिन्न प्रखंड के सुदूर क्षेत्रों में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कर लोगों को जागरूक करने का काम करेगा। इस अवसर फैमिली कोर्ट के प्रधान जज एसएस फातमी, एजेसी प्रथम योगेश कुमार, जज राजेश कुमार सिंह, आनंद प्रकाश, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसपी अग्रवाल, महासचिव संजय कुमार विद्रोही समेत अन्य न्यायिक पदाधिकारी और अधिवक्तागण मौजूद थे। इस कड़ी में पहले दिन कांके प्रखंड में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

See also  Court News: सिविल कोर्ट रांची में विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण और नुक्कड़ नाटक, न्यायायुक्त ने कहा— "प्रकृति और मानव का रिश्ता अटूट, संरक्षण का लें संकल्प"

इस अवसर पर एलएडीसी अधिवक्ता, कविता कुमारी खाती, स्वीकृति विनाया, विधि के छात्र-छात्राएं, पीएलवी जमिल अख्तर, बबिता कुमारी, सरिता देवी, शारदा देवी, मालतीभानु देवी, मशीरा खातून, देवंती देवी, संगीता देवी एवं राजा वर्मा उपस्थित थे। एलएडीसी अधिवक्ता, कविता कुमारी खाती ने 22 फरवरी को आयोजित होनेवाली विवाह एवं चेक अनादरण से संबंधित विशेष लोक अदालत तथा 08 मार्च को आयोजित होनेवाली राष्ट्रीय लोक अदालत पर फोकस की। उन्होंने कहा कि सुलभ एवं सस्ता न्याय पाने का सरल माध्यम है लोक अदालत। आप अपने वादों का निस्तारण उक्त तिथि को उपस्थित होकर करा सकते है। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के विरूद्ध होनेवाले अपराध, घरेलू हिंसा, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, महिलाओं को रहने के अधिकार, पोक्सो एक्ट एवं इलेक्ट्रीसिटी एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

See also  कोलकाता रेप और मर्डरः सीबीआई की जांच रिपोर्ट से जो खुलासे हुए, वो परेशान करने वाले - सुप्रीम कोर्ट
image 1


एलएडीसी अधिवक्ता, स्वीकृति विनाया ने बाल विवाह, बाल श्रम, डायन विसाही, पीड़ित मुआवजा एवं मोटर व्हिकल एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डालसा के कार्यरत पीएलवी ने विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन, जॉब कार्ड, राशन कार्ड एवं सरकार द्वारा चलाये जा रहे लाभकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने मध्यस्थता, लोक अदालत व राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी फोकस किये। अंत में पीएलवी के द्वारा संबंधित लिफलेट व पम्पलेट का वितरण भी किया गया। जमिल अख्तर व बबिता कुमारी ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार रांची से मिलनेवाले सुविधाओं के बारे में अवगत कराया तथा बाल-विवाह, दहेज प्रथा, डायन बिसाही, कन्या भ्रूण हत्या, पीड़ित मुआवजा इत्यादि विषय के संबंध में न्याय प्राप्त करने हेतु उपाय के संबंध में जानकारी दी।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
CourtNews Desk

CourtNews Desk

Bringing you the latest news and in-depth analysis from around the world.

Leave a Comment