Supreme Court News

मिली जमानतः मनीष सिसोदिया को जमानत, सुप्रीम कोर्ट ने वजह भी बताई, 530 दिन बाद आजादी

CourtNews Desk
By CourtNews Desk On 09 Aug, 2024
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
WhatsApp Image 2024 08 09 at 10.10.00 PM
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत की सुविधा प्रदान कर दी है। वह 530 दिनों बाद जेल से बाहर निकले हैं। सिसोदिया को 26 फरवरी 2023 को ईडी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से वह जेल में ही थे। सुप्रीम कोर्ट ने मनी लाउंड्रिंग और भ्रष्टाचार केस में शुक्रवार को जमानत प्रदान की। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने सिसोदिया को 10 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी है। बेंच ने कहा अपील स्वीकार की जाती है। उन्हें ईडी और सीबीआई दोनों केसों में जमानत दी जाती है। कोर्ट ने कहा कि सिसोदिया स्पीडी ट्रायल के अधिकार से वंचित हैं।

See also  Judges Appointment: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- वरिष्ठता, योग्यता पर विचार के बाद ही की जाती है जजों की नियुक्ति, अधिवक्ता पर पांच लाख का हर्जाना

जब कोर्ट राज्य या एजेंसियों स्पीडी ट्रायल के अधिकार की रक्षा नहीं कर सकती है तो जमानत का यह कहकर विरोध नहीं किया जा सकता है कि अपराध गंभीर है। अपराध की प्रकृति कैसी भी हो आर्टिकल 21 लागू होती है। कोर्ट ने कहा कि सोसिदिया की जड़ें समाज में गहरी जुड़ी हैं और वह भाग नहीं सकते हैं। सबूत जब्त किए जा चुके हैं। इसलिए उससे छेड़छाड़ की संभावना नहीं है। कोर्ट ने जांच एजेंसियों की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि ट्रायल में देरी की वजह खुद मनीष सोसिदिया है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ट्रायल में देरी के मामलों में निचली अदालतों को उदारता से जमानत पर विचार करना चाहिए। बता दें कि सिसोदिया को वित्त वर्ष 2021-22 में बनी शराब नीति में घोटाले का आरोप है। उस समय वह आबकारी मंत्री भी थे। आरोप है कि शराब कारोबारियों को अधिक फायदा पहुंचाया गया और बदले में रिश्वत ली गई।

See also  जजों के रिश्तेदार अब नहीं बन पाएंगे हाईकोर्ट के जज? सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम उठा सकता है चौंकाने वाला कदम
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
CourtNews Desk

CourtNews Desk

Bringing you the latest news and in-depth analysis from around the world.

Leave a Comment