कोरोना संक्रमित शवों का प्रशासन कर रहा अंतिम संस्कार, हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर परिजनों ने मांगी अनुमति

याचिका में आरोप लगाया है कि जमशेदपुर में कोरोना संक्रमित शवों का उनके परिजनों को धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार समुचित ढंग से अंतिम संस्कार नहीं करने दिया जा रहा है।

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Jharkhand High Court

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट में जमशेदपुर में कोरोना संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार धर्म और रीति रिवाज के तहत समुचित ढंग से कराने व अंतेष्टी में परिजनों को शामिल किए जाने की मांग को लेकर जनहित याचिका दाखिल की गई है। जमशेदपुर के तितवनतो देवी महिला कल्याण संस्थान की ओर से अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज ने उक्त याचिका हाई कोर्ट में दाखिल की है।

उन्होंने बताया कि याचिका में आरोप लगाया है कि जमशेदपुर में कोरोना संक्रमित शवों का उनके परिजनों को धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार समुचित ढंग से अंतिम संस्कार नहीं करने दिया जा रहा है। जमशेदपुर प्रशासन के द्वारा जैसे-तैसे शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है जो कि गलत है। याचिका में कहा गया है कि डब्ल्यूएचओ और केंद्र सरकार ने जो गाइडलाइंस जारी की है।

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उसके अनुसार शव के परिजनों को उसके अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी जानी है। लेकिन जमशेदपुर में टाटा के टीएमएच अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत होने पर उक्त शव को उसके परिजन को न देकर जमशेदपुर जिला प्रशासन को सौंप दिया जाता है। जमशेदपुर प्रशासन उनके परिजन को सूचना तो देते हैं कि उक्त तिथि को उक्त स्थान पर कोरोना से मौत होने वाले शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

लेकिन अंतिम संस्कार में उनके परिजनों को शामिल नहीं होने दिया जाता है। ऐसे में पता ही नहीं चल पाता है कि किस व्यक्ति का अंतिम संस्कार किया गया है। इसको देखते हुए संस्थान की ओर से हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर कोरोना संक्रमण से होने वाले मौत के बाद अंतिम संस्कार में उनके परिजनों को शामिल होने की अनुमति देने की मांग अदालत से की गई है।