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Judge Uttam Anand murder case: जज उत्तम आनंद हत्याकांडः सीबीआई की जांच रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने कहा- हिल गया है उनका आत्मविश्वास

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 20 Nov, 2021
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judge Uttam Anand Murder Case
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Ranchi: Judge Uttam Anand murder case धनबाद के जज उत्तम आनंद हत्याकांड मामले में सुनवाई करते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि सीबीआई की अब तक की जांच से अदालत का आत्मविश्वास हिल गया है। भले ही इस मामले के खुलासे को लेकर सीबीआई पूरी तरह से आत्मविश्वास से भरी हो।

चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने सीबीआई की ओर से दाखिल स्टेट्स रिपोर्ट देखने और उनके अधिवक्ता के बयान के बाद उक्त टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि सीबीआई की ओर से यह दावा किया जाना बहुत आश्चर्य है कि दो आरोपियों के खिलाफ प्रत्यक्ष सबूत है कि उन्होंने जानबूझ कर हत्या की है। इसलिए उन्हें आईपीसी की धारा 302 के तहत सजा मिलेगी।

अदालत ने कहा कि बिना किसी मोटिव, दुश्मनी के ही हत्या करने का मामला निचली कोर्ट में साबित नहीं किया जा सकता है। सीबीआई की रिपोर्ट में कहा गया कि इसके पीछे न तो कोई षड़यंत्र न ही कोई मोटिव नहीं है, तो फिर उन्हें आईपीसी की धारा 302 में सजा कैसे दिलाई जा सकती है।

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सीबीआई की ओर से कहा गया कि उनकी ओर से हर पहलू की जांच की जा रही है। दोनों आरोपियों ने जानबूझ कर घटना को अंजाम दिया है। इससे पहले भी इन्होंने अपराध किया है। जांच के दौरान इनके घटना में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने के सबूत के आधार पर ही निचली अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई है।

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सीबीआई की ओर से कहा गया कि इस मामले की जांच अभी भी चल रही है। यह जांच का अंत नहीं हैं और सीबीआई पूरी तरह से इस बात को लेकर आश्वस्त है कि इसका जल्द खुलासा किया जाएगा। कभी-कभी बड़े षड़यंत्र का खुलासा करने में समय लगता है, लेकिन सीबीआई नए तरीके से जांच कर रही है।

इस पर अदालत ने कहा कि आप (सीबीआई) अभियोजन की तरह सोच रही है। लेकिन अदालत इस मामले को जज की तरह देख रही है और सोच रही है। क्योंकि इस मामले में अंततः एक जज को ही फैसला सुनाना है। जब इस मामले में जज ही हत्या के लिए कोई मोटिव नहीं है, तो निचली अदालत क्या करेगी।

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अदालत ने एक फिर से उस बात को दोहराते हुए कहा कि कोर्ट ने पहले ही कहा था कि इस मामले में समय बहुत ही महत्वपूर्ण है। उस दौरान ही कहा था कि अगर जैसे समय बीतता जाएगा यह केस मर्डर मिस्ट्री हो जाएगा। लेकिन हमे डर है कि यह मामला मर्डर मिस्ट्री अनएक्सप्लेन की ओर से बढ़ रहा है।

सीबीआई की ओर से कहा गया कि वह इस जांच के लिए दूसरी स्ट्रेटजी पर काम कर ही है और बहुत ही कांफिडेंट है कि इसका खुलासा किया जाएगा। चीफ जस्टिस ने कहा कि सीबीआई भले ही सीबीआई कॉन्फिडेंट हो लेकिन अदालत का कॉन्फिडेंट हिल गया है। अदालत ने अगले सप्ताह सीबीआई को प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने क को कहा है।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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