high court news

Judge Uttam Anand murder case: हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच पर जताई असंतुष्टि, कहा- कोई परिणाम नहीं निकला

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 18 Dec, 2021
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
judge Uttam Anand Murder Case
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi: Judge Uttam Anand murder case झारखंड हाईकोर्ट धनबाद के जज उत्तम आनंद हत्याकांड मामले में सुनवाई करते हुए सीबीआई जांच से असंतुष्टि जताई है। अदालत ने कहा कि अभी तक सीबीआई के पास इस मामले में कोई खास सबूत हाथ नहीं लगा है। ऐसा लगता है कि इस मामले में सीबीआई निदेशक को ही बुलाना पड़ेगा।

चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने कहा कि अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है। सीबीआइ बार-बार अलग तरीके से जांच की बात कह रही है। अभी तक कोई नया सबूत हाथ नहीं लगा है। अदालत ने सीबीआई को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी।

सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से कहा गया कि आरोपितों का दोबारा नारको टेस्ट किया जा रहा है। इसमें अभी समय लगेगा। इसपर चीफ जस्टिस ने कहा कि सीबीआई की अब तक की जांच ने हमें कुछ बोलने लायक ही नहीं छोड़ा है। लगता है कि सीबीआइ कोई तुक्का लगा रही है, शायद कोई तीर निशाने पर लगेगा। ऐसे में अब अदालत अब किस एजेंसी से जांच कराए।

See also  HC News: हत्या के मामले में आजीवन कारावास वाले अभियुक्त को राहत, HC ने मंजूर की जमानत

इसे भी पढ़ेंः Illegal Mining: हाईकोर्ट ने कहा- अवैध खनन बर्दास्त नहीं, पहाड़ गायब होने की कीमत पर नहीं दी जा सकती खनन की इजाजत

अदालत ने कहा कि सीबीआई ने इस मामले में काम बहुत किया है, लेकिन इसका कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया है। ऐसे में अब अदालत के पास सीबीआई निदेशक को बुलाने के सिवा कोई रास्ता नहीं बचा है। क्योंकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विश्वास जताते हुए हाईकोर्ट को इस मामले की निगरानी का जिम्मा सौंपा है, लेकिन अदालत सीबीआइ की जांच से अभी तक संतुष्ट नहीं हुई है।

सीबीआई के अधिवक्ता ने कहा कि इस मामले में नए तरीके से जांच की जा रही है और उन्हें पूरा विश्वास है कि कुछ नया सबूत हाथ लगेगा। लेकिन अगर हमसे कोर्ट संतुष्ट नहीं हो रही है, तो वह सीबीआई निदेशक को बुलाकर अपने सवाल पूछ सकती है। हालांकि कोर्ट ने सीबीआइ निदेशक को बुलाने को लेकर कोई आदेश पारित नहीं किया है।

See also  Ranchi/Judgment: नाबालिग को युवक ने पांच साल बाद दोबारा फोटो वायरल करने की धमकी देकर बनाया शारीरिक संबंध, पोक्सो कोर्ट ने सुनाई कैद की सजा

अदालत ने कहा कि कोर्ट चाहती है कि जज हत्याकांड का षड्यंत्र करने वालों का खुलासा हो और उन्हें जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए। अदालत ने कहा कि सीबीआइ ने सिर्फ दो लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया है। उसमें भी बिना मोटिव के हत्या किए जाने की बात कही है। ऐसे में उन्हें धारा 302 के तहत सजा दिलाना लगभग असंभव है। बता दें जज उत्तम आनंद को एक ऑटो वाले उस समय पीछे से टक्कर मार दी, जब वे सुबह टहलने के लिए निकले थे।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Devesh Ananad

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

Leave a Comment