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Jharkhand News/Lower Court: नौ साल पुराने दहेज उत्पीड़न मामले में IO की गवाही को हरी झंडी, अभियोजन को दो तिथियों में जांच अधिकारी का परीक्षण कराने का निर्देश

CourtNews Desk
By CourtNews Desk On 07 Jan, 2026
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Ranchi News: दहेज प्रताड़ना से जुड़े करीब नौ साल पुराने मामले में अदालत ने अभियोजन को जांच अधिकारी (IO) की गवाही दोबारा कराने की अनुमति प्रदान की है। यह आदेश न्यायिक दंडाधिकारी-IX की अदालत ने रातू थाना कांड संख्या 07/17 से जुड़े मामले में पारित किया। इस प्रकरण में पीड़िता का पति अमित कुमार सिन्हा समेत कुल छह आरोपी ट्रायल फेस कर रहे हैं। अभियोजन पक्ष की ओर से दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 311 के तहत याचिका दायर की गई थी, जिसमें कहा गया था कि मामले के जांच अधिकारी की गवाही न्याय के हित में अत्यंत आवश्यक है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में परिस्थितियोंवश और अनजाने में जांच अधिकारी का परीक्षण नहीं हो सका, जिससे अभियोजन का पक्ष पूरी तरह सामने नहीं आ पाया।

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याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने विरोध जताते हुए दलील दी कि अभियोजन मामले को अनावश्यक रूप से लंबा खींचना चाहता है। हालांकि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और केस रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद अदालत ने माना कि निष्पक्ष सुनवाई के लिए जांच अधिकारी की गवाही जरूरी है। अदालत ने अभियोजन को निर्देश दिया कि वह जांच अधिकारी का परीक्षण केवल दो निर्धारित तिथियों के भीतर पूरा करे। अदालत ने इस मामले में अगली तारीख 15 जनवरी 2026 तय की है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आरोपियों के बयान दर्ज होने के बाद ही जांच अधिकारी की गवाही कराई जाएगी। गौरतलब है कि पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसकी शादी वर्ष 2012 में हुई थी, जिसमें उसके माता-पिता ने करीब 15 लाख रुपये का घरेलू सामान और गहने दिए थे। इसके बावजूद ससुराल पक्ष कम दहेज मिलने का ताना देकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। आरोप है कि ससुराल वालों ने उससे पांच लाख रुपये अतिरिक्त नकद की मांग भी की थी। मामले में अदालत के ताजा आदेश को अभियोजन के लिए अहम माना जा रहा है।

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