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झारखंड हाईकोर्ट ने कहा- रिम्स में सीटी स्कैन की मशीन न होना शर्मनाक

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 08 Apr, 2021
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RIMS in Ranchi
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Ranchi: झारखंड हाई कोर्ट ने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है और इमरजेंसी जैसे हालात हो गए हैं। लेकिन रिम्स में अपनी सीटी स्कैन मशीन नहीं होना शर्मनाक है। इस मामले में रिम्स और सरकार एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे। यह उचित नहीं है। लोग मर रहे हैं, लेकिन किसी को कोई परवाह नहीं है और सरकार शपथ पत्र-शपथ पत्र खेल रही है।

हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की अदालत ने गुरुवार को रिम्स के हालात पर स्वतः संज्ञान से दर्ज मामले में सुनवाई करते हुए मौखिक टिप्पणी की है। अदालत ने तत्काल रिम्स निदेशक को सीटी स्कैन मशीन खरीदने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार को इस पर अविलंब कार्रवाई करने को कहा है। मामले में नौ अप्रैल को सुनवाई होगी।

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सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में जांच मशीनें नहीं होना राज्य के लिए शर्म की बात है। अदालत ने रिम्स में कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए आवश्यक मशीनों की जल्द से जल्द खरीदारी का आदेश दिया था, लेकि एक साल बाद भी मशीनों की खरीदारी नहीं हो पाई है। अदालत ने कहा कि दो सप्ताह में रिम्स में सीटी स्कैन मशीन की खरीदारी की जाए।

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कोरोना संक्रमण के जांच में सबसे पहले इसी मशीन की जरूरत पड़ती है। इस दौरान रिम्स निदेशक ने अदालत को बताया कि उन्होंने आवश्यक उपकरणों की खरीदारी के लिए सरकार को प्रस्ताव भेज दिया था। इस पर स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि उन्हें ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। इस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई। कहा कि इस मामले में कोई तो झूठ बोल रहा है।

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अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि इमरजेंसी हालात में होने वाली खरीदारी के तहत रिम्स में जांच उपकरणों की खरीदारी की जाए तो अभी तक खरीदारी क्यों नहीं की गई है। अब कितने लोगों के मरने का इंतजार किया जाएगा। इस प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति बहुत ही खराब है। अधिकारी सांप-सीढ़ी का खेल खेल रहे हैं। कोर्ट के आदेश को अधिकारी हल्के में ले रहे हैं।

इस दौरान स्वास्थ्य सचिव ने अदालत को बताया कि रिम्स के निदेशक खरीद समिति के चेयरमैन होते हैं और उनको ही मशीनों के खरीदारी का प्रस्ताव भेजना है। उनके बाद कैबिनेट से सहमति लेकर मशीनों की खरीदारी की जा सकती है। अदालत ने कहा कि कोर्ट रिम्स को सभी संसाधनों से मजबूत करना चाहती है ताकि इलाज में कोई दिक्कत नहीं हो। सुनवाई के दौरान रिम्स निदेशक, स्वास्थ्य सचिव, वित्त सचिव अदालत में ऑनलाइन हाजिर हुए थे।

Devesh Ananad

देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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