सूचक, स्वतंत्र गवाह और IO की गवाही नहीं होने से अभियोजन को झटका
Ranchi News: सोशल मीडिया के माध्यम से अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेजने के आरोप से जुड़े मामले में रांची व्यवहार न्यायालय ने आरोपी को बरी कर दिया है। न्यायिक दंडाधिकारी-13 की अदालत ने अरगोड़ा थाना कांड संख्या 65/2021 में आरोपी मोहम्मद गुलजार उर्फ गुलजार अंसारी को IPC की धारा 354D (स्टॉकिंग) और 509 (महिला की मर्यादा को ठेस पहुंचाना) के तहत लगे आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। मामला वर्ष 2021 का है। अभियोजन के अनुसार, सूचक ज्योति चौहान ने आरोप लगाया था कि 23 फरवरी 2021 को उन्हें फेसबुक मैसेंजर पर “Md. Gulzar” नामक आईडी से अश्लील और अभद्र संदेश भेजे गए। आपत्ति जताने के बावजूद आरोपी कथित तौर पर लगातार आपत्तिजनक मैसेज भेजता रहा, जिससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उस समय सूचक महाराष्ट्र के आधिकारिक दौरे पर थीं, जिस कारण शिकायत दर्ज कराने में विलंब हुआ। इसके बाद 27 फरवरी 2021 को अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस ने अनुसंधान के बाद 9 अगस्त 2021 को चार्जशीट दाखिल की और 31 मई 2022 को अदालत ने संज्ञान लिया। 19 दिसंबर 2024 को आरोपी के खिलाफ आरोप तय किए गए, जिन्हें उसने नकारते हुए ट्रायल का सामना किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से मात्र एक गवाह सुमित कुमार सिन्हा को पेश किया गया। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि अभियोजन न तो सूचक को गवाही के लिए पेश कर सका, न ही किसी स्वतंत्र गवाह या जांच अधिकारी का परीक्षण कराया गया। गवाह यह भी स्पष्ट नहीं कर सका कि आरोपी ने कौन-से शब्दों का प्रयोग किया या संबंधित फेसबुक आईडी की ठोस जानकारी क्या थी। ऐसे में यह साबित नहीं हो सका कि आरोपी ने जानबूझकर अवांछित संपर्क किया या सूचक की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखी।

