Ranchi News: भाजपा नेता इंद्रजीत कुमार अनिल उर्फ अनिल टाइगर हत्याकांड में अदालत ने रोहित वर्मा समेत पांच आरोपियों पर औपचारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं। अब अगली सुनवाई में अभियोजन पक्ष सबूत प्रस्तुत करेगा। इसके लिए सिविल कोर्ट रांची के अपर न्यायायुक्त की अदालत ने 15 दिसंबर की तारीख निश्चित की है। बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार में बंद हैं। इन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपर न्यायायुक्त संजीव झा की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोप गठन पर अभियोजन और बचाव पक्ष दोनों की दलीलें सुनीं। सभी आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताया और ट्रायल का सामना करने की बात कही। केस डायरी का अवलोकन करने के बाद अदालत ने पाया कि आरोप तय करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश हुए सभी पांच आरोपी
26 मार्च 2025 को हुए इस चर्चित हत्याकांड में गिरफ्तार पांचों आरोपी—
- जिशान अख्तर उर्फ जिशू उर्फ सरदार (पुरानी रांची)
- अमन सिंह (पुंदाग)
- मनीष कुमार चौरसिया (किशोरगंज)
- अजय रजक उर्फ गोलू उर्फ चुसी (हिंदपीढ़ी सेकेंड स्ट्रीट)
- रोहित वर्मा (थड़पखना)
इन धाराओं में तय हुए आरोप
अदालत ने पांचों आरोपियों के खिलाफ निम्न धाराओं में आरोप तय किए हैं—
- भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 103(1) – हत्या
- धारा 3(5), 61(2) – आपराधिक साजिश
- आर्म्स एक्ट की धारा 27(3) और 35
देवब्रत नाथ शाहदेव का मामला अलग चल रहा
पुलिस की जांच में देवब्रत नाथ शाहदेव को हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता माना गया है। लेकिन उसकी चार्जशीट देर से दाखिल होने के कारण मामला अभी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में लंबित है। सेशन कोर्ट में स्थानांतरित होने के बाद ही उसके खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे। फिलहाल देवब्रत जमानत पर है।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, अनिल टाइगर की हत्या जमीन विवाद के कारण रची गई साजिश का नतीजा थी। 26 मार्च 2025 को कांके चौक स्थित ठाकुर होटल में उन्हें गोली मार दी गई थी। अगले दिन पत्नी लता देवी ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ कांके थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच के दौरान गठित एसआईटी ने सबसे पहले रोहित वर्मा को गिरफ्तार किया, जिसकी निशानदेही पर बाकी चार आरोपी भी पकड़े गए। मामले की अगली बड़ी कार्रवाई 15 दिसंबर को होगी, जब अभियोजन पक्ष अपने गवाह और साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेगा।