Ranchi/New Delhi News: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने देशभर की सभी राज्य बार काउंसिलों के चुनाव में महिलाओं को 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देना अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में BCI ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कुल सीटों में से 20 प्रतिशत सीटें चुनाव के माध्यम से और 10 प्रतिशत सीटें को-ऑप्शन (नामांकन) के जरिए महिलाओं से भरी जाएंगी। यदि चुनाव में पर्याप्त महिला उम्मीदवार नहीं मिलती हैं तो शेष सीटें भी को-ऑप्शन के माध्यम से भरकर 30 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा LETTER BCI 9365 OF 2025। BCI ने यह भी साफ किया है कि बार काउंसिल चुनाव की पूरी प्रक्रिया—नामांकन, मतदान, मतगणना और परिणाम—हाई पावर्ड इलेक्शन कमेटी के प्रत्यक्ष नियंत्रण और निगरानी में होगी। चुनाव से जुड़ी किसी भी शिकायत या विवाद के लिए यही कमेटी पहला और बाध्यकारी मंच होगी। सिविल कोर्ट या हाई कोर्ट में ऐसे मामलों में याचिका स्वीकार नहीं की जाएगी। यह निर्देश सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेशों के अनुपालन में जारी किए गए हैं और झारखंड सहित सभी राज्य बार काउंसिलों पर तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
चुनावी विवादों का फोरम तय
BCI ने कहा है कि चुनाव से संबंधित किसी भी व्यक्तिगत शिकायत या विवाद के लिए संबंधित हाई पावर्ड इलेक्शन कमेटी ही एकमात्र सक्षम मंच होगी। इसके बाद भी यदि कोई व्यक्ति असंतुष्ट रहता है तो वह केवल हाई पावर्ड इलेक्शन सुपरवाइजरी कमेटी से ही संपर्क कर सकता है। ऐसे मामलों में सिविल कोर्ट या हाई कोर्ट में याचिका स्वीकार नहीं की जाएगी।
BCI ने अलग-अलग सदस्य संख्या वाली बार काउंसिलों के लिए महिलाओं की सीटों की गणना का कार्यशील फार्मूला भी जारी किया है। उदाहरण के तौर पर—
25 सदस्यीय काउंसिल में 7 सीटें महिलाओं के लिए
20 सदस्यीय काउंसिल में 6 सीटें
15 सदस्यीय काउंसिल में 4 सीटें
झारखंड बार काउंसिल को निर्देश
झारखंड स्टेट बार काउंसिल के सचिव प्रभारी ने इस पत्र को सभी सदस्यों तक पहुंचाते हुए निर्देशों के कड़ाई से अनुपालन का संकेत दिया है। आने वाले चुनावों में इन्हीं दिशा-निर्देशों के तहत अधिसूचना जारी की जाएगी।

